अनुच्छेद 370 हटाए के बाद कश्मीर में शांति, बदले माहौल, विकास के साथ ही जी-20 की बैठक में डिजिटल जम्मू-कश्मीर की तस्वीर भी पेश की जाएगी। विदेशी मेहमानों को यह बताने की कोशिश होगी कि प्रदेश में न केवल शांति आई है, रोजगार के अवसर बढ़े, विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं, बल्कि जम्मू-कश्मीर डिजटिल रूप से सशक्त हुआ है।
जी-20 आयोजन से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि सरकार ने तैयारी की है कि विदेशी मेहमानों को यह बताया जा सके कि प्रदेश में साइबर सुरक्षा नीति लागू है जिससे अब लोगों की राह आसान हुई है। सरकारी सेवाओं के लिए समयबद्ध प्रणाली लागू है।
समय पर सेवाएं उपलब्ध न होने पर स्वत: अपील की भी व्यवस्था है। ई-सेवाएं उमंग, डिजिलॉकर व डिजि दोस्त जैसे पोर्टल से सीधे जुड़े हुए हैं। अधिकारी ने बताया कि यह छवि पेश करने की कोशिश होगी कि किस प्रकार 370 हटने के बाद यहां लोगों के जीवन में बदलाव आया है।
उनके जीवन की राह आसान हुई है और जीवन में आए वास्तविक रूप से बदलावों से उनका जीवन स्तर, सामाजिक आर्थिक स्थिति में बदलाव हुआ है। किस प्रकार जम्मू-कश्मीर बदलाव की राह पर है।
उप राज्यपाल मनोज सिन्हा के अनुसार जी-20 सम्मेलन हमारे लिए गर्व की बात है। यह जम्मू-कश्मीर में शांति और सामान्य स्थिति की बहाली का संकेत है। सभी के सहयोग से इस सम्मेलन को सफल बनाएंगे। दुनिया के सामने केंद्र शासित प्रदेश की क्षमताओं को दिखाने का यह भरपूर अवसर है, जिसका हर हाल में फायदा उठाया जाएगा और बताया जाएगा कि यहां आमूल चूल बदलाव आए हैं। प्रशासन आम लोगों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।