फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जम्मू-कश्मीर व लद्दाख को किसी भी क्षेत्र को अशांत घोषित करने का अधिकार

Fri, 01 Nov 2019 11:00 PM IST
Pranjal Dixit न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू

सार

  • दोनों केंद्र शासित प्रदेश उपराज्यपालों के जरिये अफ्स्पा कानून का कर सकते हैं इस्तेमाल
  • जम्मू-कश्मीर में 1990 से लागू है अफस्पा
विज्ञापन
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

केंद्र सरकार ने नव निर्मित संघ शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख को अफस्पा कानून के तहत किसी भी क्षेत्र को ‘अशांत’ घोषित करने का अधिकार दे दिया है। गौरतलब है कि इस कानून के तहत सुरक्षा बलों को किसी भी संदिग्ध के खिलाफ बिना किसी वारंट के कोई भी कार्रवाई करने के व्यापक अधिकार हैं।
विज्ञापन


पूर्व राज्य जम्मू-कश्मीर के बंटवारे तक राज्य सरकार को डीएम के जरिये खास जिले या थाना क्षेत्र को अफस्पा कानून के तहत अशांत घोषित करने का अधिकार था। इसके तहत सुरक्षा बलों को बिना वारंट किसी को हिरासत में लेने, तलाशी लेने और यहां तक कि किसी संदिग्ध को गोली मारने के भी अधिकार थे। ऐसी कार्रवाई के लिए जवानों को हर तरह से छूट मिली हुई थी।

सरकार की अधिसूचना के मुताबिक, अफस्पा कानून 1990 गृह मंत्रालय के तहत दोनों केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख प्रशासन में निहित होगा।

जेके में 1990 से लागू है अफस्पा

उल्लेखनीय है कि पूर्व राज्य जम्मू-कश्मीर में अफस्पा कानून 1990 से लागू है। हालांकि नए केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के अंदर आने वाले लेह और कारगिल को कभी अशांत क्षेत्र घोषित नहीं किया गया। राज्य के बंटवारे के बाद दोनों संघ शासित प्रदेशों में पुलिस और कानून-व्यवस्था उनके उपराज्यपालों के जरिये गृहमंत्रालय के नियंत्रण में होंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें