पत्थरबाजी की घटनाएं भी कम नहीं हुई हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने ये भी इनपुट दिए हैं कि ऑपरेशन ऑल आउट में कई टॉप कमांडरों के मारे जाने की वजह से आतंकी संगठनों का तानाबाना लगभग बिखर चुका था, लेकिन सीजफायर की वजह से दोबारा इन्हें संगठित होने का मौका मिल सकता है।
बताया गया कि आतंकी संगठनों ने नए युवाओं की भर्ती बढ़ा दी है। कम से कम 50 युवाओं के आतंकी संगठन का दामन थामने की सूचना है। आतंकी तंजीम जैश ने अपनी गतिविधियां बढ़ाई हैं। इसके अलावा अल बदर ने भी पांव पसारने शुरू किए हैं। सूत्रों ने बताया कि सुरक्षा एजेंसियां सीजफायर को बढ़ाए जाने के पक्ष में नहीं हैं।
सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े सूत्रों ने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल और मौजूदा समय में सीजफायर के दौरान आतंकी घटनाओं की कंपाइल रिपोर्ट भी गृहमंत्री को सौंपी गई है। इस रिपोर्ट में आतंकी घटनाओं के साथ-साथ आतंकी तंजीमों और पत्थरबाजों की गतिविधियों का भी ब्योरा है। रिपोर्ट में सीजफायर की घोषणा से पहले की स्थिति का भी जिक्र है, जिसमें आतंकियों के सफाए और आतंकवाद निरोधक अभियान की पूरी जानकारी है।