रियासत की दो महत्वपूर्ण सुरंग परियोजनाओं को सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने मंजूरी दी है। मंत्रालय ने मुगल रोड सुरंग और सिंघपोरा-वायलू सुरंग पर काम करने के लिए सैद्धांतिक मंजूरी देते हुए दोनों परियोजनाओं के लिए डीपीआर जल्द तैयार करने का आदेश दिया है।
आठ हजार करोड़ रुपये वाली जोजिला सुरंग के लिए बोली लगाने की प्रक्रिया को भी जल्द अंतिम रूप दिया जाएगा। यह फैसला मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की भूतल परिवहन एवं जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी के साथ शुक्रवार को नई दिल्ली में हुई बैठक में किया गया। चिनैनी-नाशरी सुरंग के इसी माह पूरा होने की संभावना है।
बैठक में मुख्यमंत्री ने कठोर जलवायु परिस्थितियों को देखते हुए राज्य में सड़क संपर्क में सुधार की बात रखी। उन्होंने साल भर विभिन्न क्षेत्रों के संपर्क के लिए सुरंगों के निर्माण की आवश्यकता के बारे में मंत्री को अवगत कराया।
सीएम महबूबा ने उठाए बुनियादी सुविधाओं से जुडे़ कई विषय
पीएम मोदी के साथ सीएम महबूबा
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लखनपुर-महानपुर-बसोहली-बनी-डोडा सड़क पर नए राष्ट्रीय राजमार्ग और डोडा जिले को राज्य और देश के बाकी हिस्सों से बेहतर तरीके से जोड़ने पर विचार करने का फैसला किया गया। मुख्यमंत्री ने यातायात घनत्व को देखते हुए जम्मू और श्रीनगर में जल्द रिंग रोड बनाने को भी मंजूरी देने को कहा।
उन्हें केंद्रीय मंत्री द्वारा बताया गया कि भूमि अधिग्रहण सहित सभी प्रारंभिक काम तेज गति से आगे बढ़ रहे हैं और दोनों रिंग रोड पर काम इस साल शुरू होने की संभावना है। महबूबा ने गडकरी से बुद्धल-शोपियां रोड, कुपवाड़ा-बंगस रोड, श्रीनगर-बांदीपोरा सड़क, त्राल-पहलगाम रोड, पनीखर -पहलगाम सड़क और साधना, राजदान और छतरगाला सुरंगों सहित सड़कों के उन्नयन का मुद्दा उठाया।
बैठक में जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर काम की स्थिति की समीक्षा भी की गई। बताया गया कि जम्मू-उधमपुर सड़क का काम पूरा हो गया है। 66 किलोमीटर काजीगुंड-श्रीनगर हाईवे पर काम इस साल पूरा हो जाने की संभावना है।
काम की धीमी गति पर चिंता जताई
mehbooba mufti
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मुख्यमंत्री ने हाईवे के रामबन-बनिहाल खंड को चौड़ा करने पर काम की धीमी गति पर चिंता जताई और उसमें तेजी लाने की मांग की। गडकरी ने इस मुद्दे पर गौर करने की बात कही । बैठक में बताया गया कि पीर पंचाल को कश्मीर घाटी के साथ जोड़ने के लिए पुंछ-उड़ी सड़क के लिए डीपीआर तैयार की जा रही है। मंजूर होते ही काम शुरू होगा।
महबूबा ने झेलम नदी में अंतर्देशीय जल परिवहन शुरू करने की मांग की। उन्हेें बताया गया कि इस संबंध में कमीशन का अध्ययन इस साल अप्रैल तक पूरा हो जाएगा और अंतर्देशीय जल परिवहन के लिए उत्तरदायी नदी बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
बैठक में मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रो. अमिताभ मट्टू, वित्तीय आयुक्त योजना एवं विकास बी बी व्यास, सचिव, भूतल परिवहन मंत्रालय संजय मित्रा, सचिव शिपिंग राजीव कुमार, सचिव जल संसाधन मंत्रालय अमरजीत सिंह आदि राज्य और केंद्र सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।