नए साल से पहले कश्मीर घाटी को विकास की सौगात मिली है। श्रीनगर रिंग रोड परियोजना के दूसरे चरण के लिए केंद्र सरकार ने 827.98 करोड़ रुपये की मंजूरी की घोषणा की है। केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स पर शनिवार को इसकी जानकारी दी।
गडकरी ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'इस पैसे से श्रीनगर रिंग रोड परियोजना के दूसरे चरण के हिस्से के रूप में वेइल ब्रिज के पास पांदछ से मनिगाम तक चार लेन राजमार्ग के निर्माण और उन्नयन (अपग्रेडेशन) का काम होगा। इस परियोजना में एक बड़े, तीन छोटे पुल, तीन का पुनर्निर्माण, 51 बॉक्स कलवर्ट किया जाएगा। इसके साथ ही गांदरबल शहर से गुजरने वाला 2.55 किलोमीटर का एलिवेटेड खंड भी इस परियोजना में शामिल होगा।
केंद्रीय मंत्री ने लिखा, 'इस राजमार्ग के बनने से लेह और कारगिल की यात्रा करने वाले पर्यटकों और सैन्य वाहनों के लिए कनेक्टिविटी में काफी सुधार होगा। यह परियोजना प्रमुख क्षेत्रों तक पहुंच को सुव्यवस्थित करेगी, क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करेगी, पर्यटन को बढ़ावा देगी और समग्र यात्रा दक्षता में सुधार करेगी।
जाम से मिलेगा छुटकारा
गांदरबल निवासी जावेद अहमद ने पांदछ-मनिगाम रिंग रोड निर्माण की लंबे समय से लंबित मांग को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इससे न केवल स्थानीय लोगों को बल्कि पर्यटकों को भी लाभ मिलेगा। स्थानीय दुकानदार बशीर अहमद ने कहा कि रिंग रोड के निर्माण से लोगों को ट्रैफिक जाम से छुटकारा मिल सकता है।
सैन्यबलों को वैकल्पिक मार्ग मिलेगा
सुरक्षा विशेष्यज्ञों का मानना है कि इस मार्ग के बनने के बाद सेना की आवाजाही आसान होगी, क्योंकि श्रीनगर-लेह सामरिक महत्व का मार्ग है। लेह में तैनात सेना और अन्य सुरक्षाबलों को एक वैकल्पिक मार्ग मिल सकता है। सैन्य मूवमेंट को बिना ट्रैफिक में फंसे पांदछ-मनिगाम रिंग रोड से गुजारा जा सकेगा।
एनएचएआई के परियोजना निदेशक अंबरीश मानकर ने बताया कि परियोजना का टेंडर 28 दिसंबर को दिल्ली में खोले जाएंगे। निर्माण इसी वित्तीय वर्ष में शुरू होगा। गांदरबल में एक-दो दिन में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के लिए नोटिफिकेशन जारी किए जाएंगे। निर्माण की तारीखें और समय सीमा बाद में घोषित की जाएंगी।