डॉ. फारूक अब्दुल्ला की रिहाई का राजनीतिक दलों ने स्वागत किया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने इसे जम्मू-कश्मीर में वास्तविक राजनीतिक प्रक्रिया को बहाल करने की दिशा में उठाया गया सही कदम करार दिया। उन्होंने उम्मीद जताई, अब्दुल्ला को जल्द लोकसभा में देख सकूंगा। माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा, अब्दुल्ला की रिहाई लंबे समय से अपेक्षित थी। उन पर पीएसए लगाना गैरकानूनी है।
प. बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कहा, मैं अब्दुल्ला की लंबी आयु की कामना करती हूं। उम्मीद है उमर व महबूबा भी जल्द रिहा होंगे। पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने ट्वीट किया, अब्दुल्ला को बिना आरोप सात महीने हिरासत में रखने का क्या औचित्य था। अगर औचित्य था, तो रिहाई का क्या कारण है? राजस्थान के उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने ट्वीट किया, रिहाई से खुशी हो रही है। उम्मीद है, दूसरे पूर्व सीएम भी जल्द रिहा होंगे।