अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। एक छत के नीचे मरीजों को आयुष के साथ एलोपैथी चिकित्सा सुविधाएं देने की तैयारी की जा रही है। जीएमसी जम्मू में अगले दो हफ्ते में आयुष उत्कृष्टता केंद्र (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) को शुरू करने की योजना है। संभाग में पहले चिकित्सा केंद्र में विशेष तौर पर जटिल रोगों के पीड़ितों को दोनों चिकित्सा पद्धति से बेहतर उपचार देने की कोशिश की जाएगी। इसके साथ शोध गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
जटिल रोगों में कैंसर व सर्जरी आदि के मरीजों को राहत मिलेगी। इंटीग्रेटेड मेडिसन में सामान्य उपचार के साथ आयुष चिकित्सा पद्धति दी जाएगी। अगर जीएमसी में कैंसर मरीज का इलाज चल रहा है तो उनके लिए योग अहम होता है जो उत्कृष्टता केंद्र में करवाया जाएगा। इसी तरह मसाज थैरेपी, एनीमा, बस्ती विशेष चिकित्सा, पंचकर्म की सुविधा मिलेगी। समाज में बड़े स्तर पर रक्त संचार रोग भी तेजी से बढ़ रहे हैं, जिसमें थैरेपी, नेचुरल थैरेपी विशेष केंद्र देगा। जटिल रोगों में मरीज सख्त उपचार के बजाय आयुष चिकित्सा पद्धति से राहत पाने की कोशिश करता है। इसी तरह जिनके घाव भरते नहीं हैं, उनमें भी आयुष चिकित्सा पद्धति से इलाज संभव है। इसमें सर्जरी विभाग और आयुष एक साथ काम करेंगे।
आयुष में बवासीर, फिस्टुला आदि की भी सफल चिकित्सा पद्धति उपलब्ध है। 60 बिस्तर के आयुर्वेदिक अस्पताल में कई बार योग आदि के लिए मरीज को जीएमसी से भेजा जाता है। जीएमसी के प्रिंसिपल डॉ. आशुतोष गुप्ता ने बताया कि अस्पताल में अगले दो हफ्ते के भीतर आयुष उत्कृष्टता केंद्र को शुरू करने की योजना है और धीरे-धीरे विस्तार किया जाएगा। मौजूदा अस्पताल में 25 से 30 आयुष ओपीडी हो रही है, लेकिन नया इंडोर ब्लॉक शुरू होने से ओपीडी बढ़ेगी।