कश्मीर हिंसा के समाधान के लिए गृह मंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व में सर्वदलीय समिति के आने से पहले एक बार फिर पाकिस्तान ने सीजफायर तोड़ा।
शुक्रवार को पाकिस्तान ने छंब सेक्टर में गोलाबारी की है। पाकिस्तानी रेंजरों ने गाखरी और वेन चेरना पोस्टों से भारतीय क्षेत्र में लालयली और लखपत पोस्ट पर हलके और भारी हथियारों से गोलाबारी की।
सुबह साढ़े 11 बजे से शुरू हुई गोलाबारी तीन घंटे तक चली। इस दौरान पाकिस्तान ने मोर्टार भी दागे। हालांकि, गोलाबारी में जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है।
तीन दिन पहले भी पलांवाला सेक्टर में हुई थी गोलाबारी
सीमा पर तैनात जवान
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भारतीय सुरक्षा बलों ने भी पाकिस्तानी गोलाबारी का मुंहतोड़ जवाब दिया। संघर्ष विराम के उल्लंघन के चलते सीमा पर तनाव है। सुरक्षा बलों ने सतर्कता बढ़ा दी है।
गौरतलब है कि तीन दिन पहले भी पाकिस्तान ने इसी क्षेत्र में गोलाबारी की थी। उस दौरान भारतीय सेना का एक जवान शहीद हो गया था।
जानकारों की माने तो कश्मीर में हाईअलर्ट के चलते आतंकी जम्मू संभाग से घुसपैठ कर सकते हैं और आतंकियों को घुसपैठ करवाने के लिए पाक सेना आने वाले दिनों में भी सीजफायर का उल्लंघन कर सकती है।
LOC पर आतंकी संगठन हिजबुल ने भी बढ़ाई सक्रियता
आतंकी
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वहीं तीन दिन पहले अखनूर के पलांवाला सेक्टर में हमले की जिम्मेदारी हिजबुल मुजाहिदीन के लेने से खुफिया एजेंसियां चौंक गई हैं।
हिजबुल की मौजूदगी एजेंसियों की समझ से परे है, क्योंकि इससे पहले कभी जम्मू संभाग की एलओसी और आईबी पर घुसपैठ या फिर आतंकी हमले में हिजबुल की मौजूदगी नहीं रही है। यही कारण है कि हिजबुल का पलांवाला सेक्टर में खुद को शामिल करना एजेंसियों को हज्म नहीं हो रहा। बावजूद इसके एजेंसियों ने इस पर गहरा मंथन शुरू कर दिया है।
सूत्रों का कहना है कि खुफिया एजेंसियों ने हिजबुल की मौजूदगी को लेकर काम शुरू कर दिया है। यह जानने की कोशिश की जा रही है कि पलांवाला की घटना को अंजाम देने में शामिल आतंकी हिजबुल के थे या फिर दूसरे आतंकी संगठन के।