पाकिस्तान ने नापाक हरकत जारी रखते हुए शुक्रवार को एलओसी पर भारी गोलाबारी की। सेना की अग्रिम पोस्टों के साथ ही रिहायशी इलाकों को निशाना बनाकर गोले दागे। इसमें कई मकानों को क्षति पहुंची है। पुंछ के झुलास गांव में गोला गिरने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। इनमें एक महिला व दो बच्चे शामिल हैं। कई अन्य घायल हुए हैं। पुंछ के शाहपुर, बालाकोट, मेंढर सेक्टर, राजोरी के नौशेरा सेक्टर तथा उड़ी में गोले दागे। इससे एलओसी से सटे इलाकों में दहशत है। सेना ने भी मुंहतोड़ जवाब दिया है।
पुंछ जिले के शाहपुर सेक्टर के काइयां क्षेत्र में भारतीय सेना की चौकियों के साथ ही रिहायशी इलाकों को निशाना बना कर गोलाबारी शुरू कर दी। शाम 6 बजे पाकिस्तानी सेना ने जिले के बालाकोट, मेंढर, मनकोट और कृष्णा घाटी में भी भारी गोलाबारी शुरू कर दी। मोर्टार दागे जाने की आवाजें करीब 70 किलोमीटर दूर पुंछ तक सुनाई दे रही हैं।
लोगों का कहना है कि पाकिस्तानी सेना गोलाबारी करने के लिए तोपों का इस्तेमाल कर रही है, तभी इतनी दूर तक आवाजें आ रही हैं। गौरतलब है कि वीरवार को पाकिस्तानी सेना ने जिले में बालाकोट से लेकर दिगवार तक के करीब 80 किलोमीटर लंबी नियंत्रण रेखा पर भारी गोलाबारी की थी। इसमें मेंढर में एक महिला की मौत हो गई थी, जबकि सेना से छुट्टी पर घर आया एक लांस नायक घायल हो गया था।
शाम पौने चार बजे राजोरी जिले नौशेरा सेक्टर के सरया, नंब, कडाली, कलसियां में सेना की अग्रिम चौकियों और रिहायशी इलाकों को निशाना बनाते हुए गोलाबारी शुरू की। गोलाबारी से एलओसी क्षेत्र कलाल व कलसिया में कई मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। गणया इलाके में पवन कुमार , कुलदीप राज, शामलाल, कलसियां में कुंदनलाल, कलाल में सुरजीत कुमार, बलवीर कुमार और चमनलाल के घरों पर मोर्टार गिरने से नुकसान पहुंचा है। मोर्टार गिरने से कलाल का एक धार्मिक स्थल भी क्षतिग्रस्त हुआ है।
उड़ी में रात एक बजे से पाकिस्तान ने गोले दागने शुरू किए, जो सुबह 10 बजे तक चलता रहा। इसमें तीन मकानों को नुकसान पहुंचा है। कमलकोट, माइयां व बटाड गांव गोलाबारी से प्रभावित हुए हैं। पांच-छह परिवारों को गांव से निकालकर हायर सेकेंडरी स्कूल में सुरक्षित पहुंचाया गया है। एसडीएम उड़ी रियाज मलिक ने बताया कि गोलाबारी में एक नागरिक घायल हुआ है, जिसे अस्पताल भेजा गया है।