वहीं भारतीय सेना द्वारा करारा सबक सिखाए जाने के बावजूद पाकिस्तानने कोई सीख नहीं ली। पलांवाला और तंगधार के बाद अब पीओके की नीलम घाटी से भी पाकिस्तानी सेना ने संघर्षविराम का उल्लंघन किया। आपको बता दें कि जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद सरहद पर लगातार अशांति रही है। पाकिस्तान ने सीजफायर का जमकर उल्लंघन किया है। यही नहीं, मौजूदा वर्ष में पिछले साल की तुलना में डेढ़ गुणा अधिक सीजफायर तोड़ा गया है। पाकिस्तान ने लगातार सरहद पर अशांति फैलाई और जवानों के साथ सरहद पर रहने वाले लोगों को भी परेशान किया।
5 अगस्त 2019 के बाद से अब तक पाकिस्तान ने एलओसी पर 950 बार सीजफायर तोड़ा है। जबकि 2019 में अब तक 2400 बार सीजफायर तोड़ा है। पिछले साल 1800 बार सीजफायर तोड़ा गया था। लगातार सीजफायर टूटने से सरहद पर रहने वाले लोगों को जीना मुहाल हो चुका है। पाकिस्तान की ओर से हर रोज रिहायशी इलाकों को टारगेट करके गोलाबारी की जा रही है।
पाकिस्तान सबसे ज्यादा पुंछ जिले की एलओसी पर सीजफायर तोड़ रहा है। पुंछ के शाहपुर और कुपवाड़ा के किरणी सेक्टर में लगातार गोलाबारी की जा रही है। अकेले पुंछ में ही इस साल 1800 से अधिक बार सीजफायर तोड़ा गया है।
लगातार सीजफायर टूटने से सरहद पर तनाव का माहौल है। दोनों देशों के बीच पुंछ जिले में युद्ध जैसा माहौल बना हुआ है। हालांकि भारतीय सेना ने पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया है। पाकिस्तान को इस साल भारी नुकसान उठाना पड़ा है। बावजूद इसके वह अपनी हरकतों से बात नहीं आ रहा।
सेना अध्यक्ष भी मान चुके
सरहद पर मौजूदा हालातों को लेकर सेना अध्यक्ष जनरल विपिन रावत भी कह चुके हैं कि सरहद पर माहौल खराब है। कभी भी, कुछ भी हो सकता है और भारतीय सेना ऐसी किसी भी हरकत का जवाब देने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
पूरी तरह से बंकर भी नहीं बने
एलओसी के राजोरी, पुंछ, कुपवाड़ा, बारामुला और बांदीपोरा जिलों में पूरी तरह से बंकरों का निर्माण भी नहीं हुआ है। इसकी वजह से पाकिस्तान जानबूझ कर रिहायशी इलाकों को टारगेट कर रहा है। जिससे स्थानीय लोग परेशान हो रहे हैं।