पाकिस्तानी सेना ने रविवार देर रात एक बार फिर नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम का उल्लंघन किया। मेंढर सब डिवीजन के बालाकोट सेक्टर में सेना की चौकियों को निशाना बना कर राकेट और मोर्टार दागे। इस गोलाबारी में सेना की एक अग्रिम चौकी पर तैनात सात जवान घायल हो गए। उन्हें देर रात चॉपर से एयरलिफ्ट कर सैन्य अस्पताल राजोरी भेजा गया। घायल जवानों की हालत स्थिर बताई जा रही है।
रविवार देर रात करीब साढ़े दस बजे बालाकोट में पाकिस्तानी सेना ने सेना की अग्रिम चौकियों पर मोर्टार दागने शुरू कर दिए। इसका सेना ने भी मुंहतोड़ जवाब दिया। इस दौरान आतंकियों की घुसपैठ रोकने के लिए नियंत्रण रेखा के अग्रिम क्षेत्र में एंबुश लगाए बैठे सेना के जवानों से कुछ दूरी पर एक मोर्टार आकर गिरा, जिसके विस्फोट से निकले टुकड़ों की चपेेट में आ जाने से सात जवान घायल हो गए। साथियों ने तत्काल घायलों को वहां से निकाल कर शिविर में पहुंचाया और प्राथमिक उपचार के बाद चॉपर से राजोरी सैन्य अस्पताल भेज दिया।
सूत्रों का कहना है कि यह पाकिस्तानी सेना की बार्डर एक्शन टीम (बैट) की करतूत है जिसमें टीम ने 150 मीटर की दूरी से सेना की अग्रिम चौकी पर राकेट दागे हैं। हालांकि, सेना ने बैट हमले से इनकार करते हुए कहा कि संघर्ष विराम में नियंत्रण रेखा के पास एंबुश पार्टी के आसपास मोर्टार गिरने से जवान घायल हुए।
रविवार को विदेश मंत्रालय ने कहा था कि पाकिस्तान ने इस साल 2050 बार सीजफायर का उल्लंघन किया था। इसमें 21 लोग मारे गए। पाकिस्तान से लगातार 2003 के सीजफायर का पालन करने को कहा गया ताकि एलओसी व आईबी पर शांति बनी रहे।
ये हुए घायल
मेजर ओंकार, नायक जयवीर, निर्मल सिंह, सिपाही कृष्ण सिंह व जीतू सिंह, हवलदार एचसी भाखड़, सूबेदार सुरेश सिंह।