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लखनपुर से श्रीनगर तक नेशनल हाईवे और सीमांत इलाके सीसीटीवी की निगरानी में रहेंगे

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जम्मू। प्रदेश की कानून एवं सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के उद्देश्य से बड़ा सीसीटीवी प्रोजेक्ट लांच होने जा रहा है। इसके तहत प्रदेश की 500 से अधिक लोकेशन पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की तैयारी कर ली गई है। चार क्षेत्र मुख्य रूप से चुने गए हैं। इनमें लखनपुर से श्रीनगर तक का नेशनल हाईवे, सीमांत इलाके, जम्मू और श्रीनगर जिला शामिल है। इस प्रोजेक्ट को केंद्र से मंजूरी मिल गई है। संभव है कि अप्रैल के पहले या दूसरे सप्ताह में इसकी प्रक्रिया शुरू हो जाए। इस प्रोजेक्ट के तहत लगने वाले सीसीटीवी कैमरों के काम करने की अवधि पांच साल तक होगी।
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श्रीनगर से पांपोर, कुलगाम, अनंतनाग आदि जगहों के हाईवे पर, लखनपुर से बाड़ी ब्राह्मणा हाईवे, राजोरी-पुंछ हाईवे आदि पर सीसीटीवी लगेंगे। इसके अलावा बॉर्डर के उन तमाम लिंक रोड को सीसीटीवी से कवर किया जाएगा, जहां पर आतंकियों के घुसपैठ की आशंका बनी रहती है। जम्मू और श्रीनगर शहरों के भी अति संवेदनशील प्वाइंट की सूची बनाई गई है। यह कैमरे जहां भी लगेंगे, चारों तरफ नजर आएंगे।
इसलिए पड़ी जरूरत
प्रदेश में आतंकी गतिविधियों में काफी इजाफा हुआ है। सीमा पार से घुसपैठ और हथियारों की सप्लाई के भी प्रयास हो रहे हैं। चोरी और झपटमारी की वारदातें बढ़ रही हैं। पिछले कुछ समय से पुलिस को इन मामलों से संबंधित जांच में निजी स्तर पर लगे सीसीटीवी से काफी मदद मिली है। पुलिस ने कुछ ऐसी लोकेेशनों की सूची बनाई है, जिसके तहत इस तरह की गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सकता है।
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एक जगह कंट्रोल रूम बनेगा, टीम तैनात रहेगी
सूत्रों के मुताबिक इन सभी सीसीटीवी का एक ही जगह कंट्रोल होगा। यहां पर एक टीम हर समय तैनात रहेगी, जो जरूरत पड़ने पर किसी भी लोकेशन का फुटेज लेकर संबंधित जांच एजेंसी को देगी।
कोट
सुरक्षा के मद्देनजर सीसीटीवी का बड़ा प्रोजेक्ट तैयार किया गया है। इसकी रूपरेखा तैयार हो चुकी है। अप्रैल में इस प्रोजेक्ट की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। सीमांत क्षेत्रों और नेशनल हाइवे पर अधिक अमल किया गया है, क्योंकि हाइवे पर आतंकी हमले काफी हुए हैं, यहां पर सुरक्षाबलों के काफिलों को निशाना बनाने का प्रयास रहता है। लिहाजा नजर रखने की जरूरत है। इसके अलावा सीमांत इलाकों में भी इस तरह की गतिविधियों पर ध्यान देने की जरूरत है। जिसके लिए प्रोजेक्ट की आवश्यकता थी।
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गरीब दास, आईजी, पुलिस मुख्यालय
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