Sunjwan attack cctv footage viral
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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की टीम ने आतंकी हमले के बाद सुंजवां घटनास्थल का निरीक्षण किया। टीम के सदस्यों ने मौके पर हमले से जुड़े कई सबूत जुटाए। इस दौरान जांच से जुड़े पहलुओं पर कुछ लोगों से पूछताछ की गई। ऐसी संभावना है कि जल्द इस हमले की जांच एनआईए को सौंपी जा सकती है। उधर, सोशल मीडिया पर सुंजवां आतंकी हमले का एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें एक व्यक्ति भागता हुआ दिखाई दे रहा है। फुटेज में दो धमाके दिखाई दे रहे हैं। आशंका है कि मुठभेड़ स्थल पर किसी घर से यह फुटेज लिए गए हैं। जिला प्रशासन की ओर से लगभग सभी स्थानों पर सीसीटीवी स्थापित करना जरूरी बनाया जा रहा है।
घटनास्थल से 17 किलोमीटर दूर पीएम की कल होगी जनसभा
शनिवार को एनआईए प्रमुख व सीआरपीएफ के महानिदेशक कुलदीप सिंह ने घटनास्थल का दौरा किया। उनके साथ सीआरपीएफ जम्मू सेक्टर के महानिरीक्षक पीएस रणपिसे भी मौजूद थे। उन्होंने सिंह को मुठभेड़ और घटना की बारे में पूरी जानकारी दी। जम्मू-कश्मीर पुलिस के महानिदेशक दिलबाग सिंह ने कहा था कि दोनों आतंकवादी पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद के एक आत्मघाती दस्ते का हिस्सा थे। उनकी घुसपैठ प्रधानमंत्री की जम्मू-कश्मीर यात्रा को बाधित करने की एक बड़ी साजिश हो सकती है। प्रधानमंत्री का 24 अप्रैल को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर घटनास्थल से 17 किलोमीटर दूर सांबा जिले के पल्ली गांव में जनसभा प्रस्तावित है। मोदी के दौरे को देखते हुए बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
आतंकियों को पनाह देने वालों की तलाश, पुलवामा तक पहुंचाना था दहशतगर्दों को
ऐसा माना जा रहा है कि आतंकियों को सांबा बॉर्डर से घुसपैठ करने के बाद सुंजवां तक पहुंचाने और फिर यहां से इनको पुलवामा तक ले जाने के लिए दो आतंकी मददगार (ओजीडब्ल्यू) भी थे। ये दोनों आतंकियों को पुलवामा ले जाने के लिए जम्मू आए हुए थे। यहां वे सुरक्षाबलों पर बड़ा फिदायीन हमला करना चाहते थे। फिलहाल इनके बारे कोई सूचना सुरक्षा एजेंसियों के पास नहीं हैं। पुलिस और अन्य एजेंसियां इनकी भी तलाश कर रही हैं।
कश्मीर में कई आतंकी सेटेलाइट फोन का इस्तेमाल कर रहे
सूत्रों का कहना है कि हमले के वक्त आतंकी उन मददगारों से बात कर रहे थे, जिन्होंने इन्हें पुलवामा ले जाना था। इनसे सेटेलाइट फोन के जरिये बात की जा रही थी। बता दें कि कश्मीर में कई आतंकी सेटेलाइट फोन का इस्तेमाल कर रहे हैं, ताकि वे लोग राडार पर न आ सकें। इन ओजीडब्ल्यू की तलाश में कई जगहों पर पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां छापेमारी कर रही हैं।
दो पाकिस्तानी फिदायीन ढेर, एएसआई शहीद, 10 जवान घायल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 24 अप्रैल को प्रस्तावित जम्मू दौरे से दो दिन पहले जैश-ए-मोहम्मद की फिदायीन हमले की साजिश को नाकाम करते हुए सुरक्षा बलों ने सुंजवां इलाके में शुक्रवार को पाकिस्तान के दो आत्मघाती दहशतगर्द मार गिराए। इससे पहले आतंकियों के हमले में सीआईएसएफ काएक एएसआई एसपी पटेल शहीद हो गया, जबकि सीआईएसएफ व पुलिस के 10 जवान घायल हो गए। मारे गए आतंकियों से फिदायीन जैकेट मिले हैं। साथ ही तीन एके 47 राइफल, अंडर बैरल ग्रेनेड लांचर, सेटेलाइट फोन और ग्रेनेड भी मिले हैं। खाने-पीने की सामग्री, ड्राई फ्रूट्स व इनर्जी ड्रिंक भी बरामद हुए हैं।
फिदायीन हमले को नाकाम किया गया
एडीजीपी मुकेश सिंह का कहना है कि दो आतंकियों को मार गिराने के साथ ही फिदायीन हमले को नाकाम किया गया है। प्रारंभिक छानबीन में पता चला है कि अंतरराष्ट्रीय सीमा से आरएस पुरा में दो आतंकियों ने घुसपैठ करने के बाद जम्मू के बाहरी इलाके में सैन्य छावनी से सटे क्षेत्र में पनाह ली। पुलिस का कहना है कि शुक्रवार तड़के दो संदिग्धों को सुंजवां सैन्य कैंप की ओर बढ़ते देखा गया। इसे ड्यूटी बदल रहे सुरक्षा गार्डों ने देखा। इसके बाद सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी शुरू कर दी। इस बीच, तड़के 3 बजे इन आतंकियों ने सुंजवां पुलिस नाके के पास सीआईएसएफ की बस पर हमला कर दिया।