पुलवामा रेलवे स्टेशन के बाहर छह दिन पहले आरपीएफ जवानों पर आतंकियों ने हमला कर दिया था। इसमें दो जवान गंभीर रूप से घायल हो गए थे। एक जवान उसी दिन शहीद जबकि दूसरे का श्रीनगर के अस्पताल में इलाज चल रहा था। उसने भी घटना के नौ दिन बाद दम तोड़ दिया। दक्षिण कश्मीर के पुलवामा में आतंकियों ने गैर मुस्लिम पुलिस कर्मियों को निशाना बनाकर हमला किया।
पूरे इलाके को घेरकर सुरक्षा बलों ने तलाशी अभियान चलाया
इसके तत्काल बाद पूरे इलाके को घेरकर सुरक्षा बलों ने व्यापक पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया। हालांकि आतंकियों का सुराग नहीं लग सका। आतंकियों की ओर से दक्षिण कश्मीर में सुरक्षा बलों, आम नागरिकों व गैर कश्मीरी मजदूरों पर इस महीने 18 दिन में हमले की यह सातवीं घटना थी।
इसमें अब तक 10 लोगों को निशाना बनाया जा चुका
इसमें अब तक 10 लोगों को निशाना बनाया जा चुका है। पुलिस ने बताया कि काकापोरा रेलवे स्टेशन के बाहर एक दुकान पर चाय पीने आए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के दो जवानों सब इंस्पेक्टर देवराज व हेड कांस्टेबल सुरिंदर सिंह को निशाना बनाकर पहले से घात लगाए आतंकियों ने काफी करीब से ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं।
इसमें दोनों बुरी तरह घायल हो गए
इसमें दोनों बुरी तरह घायल हो गए। खून से लथपथ होकर जमीन पर गिरे घायलों को तत्काल पास के अस्पताल में पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान सुरिंदर ने दम तोड़ दिया। देवराज की हालत गंभीर बनी हुई थी। उसे उपचार के लिए श्रीनगर में भर्ती करवाया गया था।
घायल दोनों जवान शहीद
हमले के तुरंत बाद आसपास के इलाकों को घेरे में लेते हुए हमलावरों की तलाश के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया गया। कश्मीर जोन पुलिस ने अपने ट्विटर हैंडल पर ट्वीट में लिखा कि आतंकियों ने काकापोरा पुलवामा में आरपीएफ जवानों पर हमला किया। इस हमले में आरपीएफ के दो जवानों को बुलेट इंजरी हुई और उन्हें अस्पताल ले जाया गया। घायल दोनों जवान अब शहीद हो चुके हैं।