कश्मीर के पूर्व संभागीय आयुक्त महमूद इकबाल के घर पर शुक्रवार को सीबीआई ने छापेमारी की है। यह कार्रवाई गुलमर्ग जमीन घोटाले से जुड़े हुई है। बता दें कि केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद जम्मू-कश्मीर में भ्रष्टाचार और घोटालों के कई मामलों की जांच में रफ्तार आई है। खासकर प्रदेश में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की भूमिका काफी बढ़ गई है। केंद्र शासित प्रदेश बनने से पहले सीबीआई के पास इक्का-दुक्का मामले ही जांच के लिए पहुंचते थे।
केंद्र शासित प्रदेश बनने से पहले सीबीआई के पास प्रदेश के केस जांच के लिए न के बराबर जाते थे। क्राइम ब्रांच या फिर एंटी करप्शन ब्यूरो के पास ही घोटालों और फ्रॉड के केस जाते थे। लेकिन अब सीबीआई के पास अधिक मामले जा रहे हैं। यहां तक कि हाईकोर्ट भी सीबीआई को मामलों की जांच देने के लिए दिलचस्पी दिखा रहा है।
क्राइम ब्रांच और एसीबी की जांच से लोग संतुष्ट नहीं हो पा रहे हैं। इन एजेंसियों के पास मामलों की जांच चल रही थी। बाद में सीबीआई को सौंप दी गई। सबसे बड़ा उदाहरण रोशनी घोटाला है। रोशनी घोटाले की जांच एसीबी के पास थी। हाईकोर्ट ने एसीबी को फटकार लगाते हुए इसकी जांच भी सीबीआई को दी।
शिकायतों और मांग का लंबा ग्राफ
केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद सीबीआई के पास कई शिकायतें पहुंच रही हैं। पिछले डेढ़ साल में सीबीआई के पास सौ से अधिक शिकायतें पहुंची हैं। इसके अलावा कई पार्टियों और दलों ने समय-समय पर विभिन्न मामलों की जांच सीबीबाई से कराने की मांग भी की है।