केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (सीएटी) ने आदेश का उल्लंघन करने पर जम्मू संभाग में फॉरेस्टर के 250 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। सेवा चयन बोर्ड ने 27 जुलाई को अधिसूचना जारी की थी। इसके तहत अलग-अलग विभागों में 700 से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी। इनमें फॉरेस्टर के 250 पद थे।
बोर्ड की इस अधिसूचना को प्रदीप सिंह ने कैट में चुनौती दी थी। चुनौती याचिका में कहा कि इसे रद्द कर देना चाहिए, क्योंकि इस अधिसूचना में बोर्ड ने 2017 में हाईकोर्ट के आदेश का उल्लंघन किया है। इस आदेश में फॉरेस्टर की भर्ती से संबंधित जरूरी आदेश था, जिसका पालन नहीं किया गया।
प्रदीप सिंह ने अपनी याचिका में यह भी मांग की है कि इस पद के लिए कम से कम स्नातक की योग्यता विज्ञान विषय में होनी चाहिए, जबकि बोर्ड की अधिसूचना में योग्यता 12वीं रखी गई है। कैट के न्यायिक सदस्य सुरेश कुमार बत्रा ने याचिका पर दलीलें सुनने के बाद भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाने का आदेश दिया।
कहा, इस बीच प्रतिवादी पक्ष लंबित भर्ती नियम संशोधन प्रक्रिया को समाप्त करने के लिए स्वतंत्र है। बत्रा ने कहा कि 2017 में अतिरिक्त प्रधान मुख्य संरक्षक वन विभाग ने कहा कि था कि फॉरेस्टर के भर्ती नियमों में संशोधन किया जाएगा। इसके लिए छह महीने का समय मांगा गया था, लेकिन अब छह महीने की जगह 5 साल हो चुके हैं।
नियमों में संशोधन करने की जगह ताजा अधिसूचना जारी कर दी और इसमें 12वीं पास वालों के शामिल होने का नियम बना दिया। हाईकोर्ट का साफ आदेश था कि छह महीने के भीतर भर्ती नियमों में संशोधन करें, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इन दलीलों के साथ कैट ने बोर्ड के जारी आदेश पर रोक लगा दी और तीन हफ्तों के भीतर हलफनामा दायर करने को भी कहा। जेएनएफ