इंटरनेट पर पाबंदी के दौरान पीएचई विभाग जम्मू के एक कैशियर ने पानी के बिल के रूप में जमा कराए गए करीब डेढ़ करोड़ रुपये डकार लिए। फील्ड स्टाफ की ओर से एकत्रित 1.45 करोड़ रुपये की रसीदें तो काटी गईं लेकिन राशि ट्रेजरी में जमा नहीं कराई गई। पांच अगस्त से प्रदेश में इंटरनेट सेवाएं बाधित होने के कारण पानी के बिल ऑफलाइन ही जमा कराए जा रहे थे। विभागीय जांच में मामला सामने आने पर पुलिस में शिकायत दी गई है।
दरअसल, पीएचई विभाग के फील्ड स्टाफ ने रुटीन की तरह ही रिकवरी का पैसा कैशियर के पास जमा करवाया। कैशियर की ओर से जमाकर्ता को रसीद भी जारी की गई। इसी तरह हर माह रिकवरी और वाटर टैक्स करोड़ों में जमा होता रहा। रिकवरी को लेकर विभाग के उच्चाधिकारियों की बैठक में राशि ट्रेजरी में जमा करवाने को कहा गया।
बताया जा रहा है कि इस दौरान इंटरनेट सेवा बाधित होने का कैशियर ने फायदा उठाया। उधर, बकाया राशि करोड़ों में होेने पर तीन माह के भुगतान की राशि जमा न होने की बात सामने आने पर उच्चाधिकारियों ने जांच कराई। जांच में ट्रेजरी में विभाग के खाते में पैसा जमा नहीं पाया गया।
सरकारी धन की गड़बड़ी के लिए कैशियर की शिकायत मिली हैं। विभागीय जांच बैठाई गई है। जांच के बाद ही परतें खुल पाएंगी। सख्त कार्रवाई करने के भी आदेश अधिकारियों को दिए गए हैं। -
संजीव चड्ढा, मुख्य अभियंता, पीएचई