जम्मू-कश्मीर में जानलेवा रोग कैंसर तेजी से अपने पांव पसार रहा है। जम्मू-कश्मीर में बीते दो सालों में इस बीमारी ने 18000 से अधिक लोगों की जान ली है। यहां हर साल कैंसर के 850 से अधिक नए मामले सामने आ रहे हैं।
राष्ट्रीय कैंसर पंजीकरण कार्यक्रम के आंकड़ों के अनुसार राज्य में साल 2016 तक कैंसर के 15652 मामले दर्ज थे। वर्ष 2017 में यह आंकड़ा बढ़कर 16480 हो गया, जबकि साल 2018 में कैंसर रोगियों की संख्या 17351 तक पहुंच गई। इस रोग से साल 2017 में 8345 और साल 2018 में 8788 लोग मारे जा चुके हैं।
गांधी नगर के जिला अस्पताल में मार्च 2019 में कैंसर उपचार केंद्र खोला गया। इस केंद्र में 10 बेड वाले वार्ड हैं। एम्स नई दिल्ली एवं सिंगापुर के एशिया पैसिफि क पैलिएटिव केयर नेटवर्क के साथ मिलकर शुरू किए गए राष्ट्रीय विशेष उपचार कार्यक्रम के तहत यह केंद्र स्थापित किया गया। पैलिएटिव केयर स्वास्थ्य सेवाओं का विशिष्ट क्षेत्र है जो मरीजों को राहत देने एवं उनकी पीड़ा को रोकने पर विशेष ध्यान देता है।
धूम्रपान का चलन बढ़ने से फेफ ड़ों के कैंसर से लोग ज्यादा ग्रस्त हैं। वर्ष 2011 में 4556, 2012 में 4848, 2013 में 5068, 2014 में 5568 और 2015 में 6358 मामले सामने आए थे। पुरुषों में फेफ ड़ों का कैंसर सबसे ऊपर है। उसके बाद गले, गेस्ट्रो आंत कैंसर आदि शामिल हैं। इसी तरह महिलाओं में सरवाइकल कैसर, ब्रेस्ट कैंसर, गले, गेस्ट्रो और फेफ ड़ों का कैंसर शामिल है।