जम्मू-कश्मीर में 50 नए डिग्री कालेज खोले जाएंगे। यह फैसला राज्यपाल सत्यपाल मलिक की अध्यक्षता में हुई स्टेट एडवाइजरी कमेटी (एसएसी) के साथ बैठक में लिया गया।
एसएसी की 29 तारीख को हुई बैठक में तय किया गया कि नए कालेजों में से 30 को दूरदराज के इलाकों में खोला जाएगा। इसके अलावा 10 कालेज महिलाओं के लिए उन स्थानों में खोले जाएंगे जहां उनके लिए पहले से मौजूद नहीं हैं।
इन कालेजों में छात्रों के रोल को तर्कसंगत बनाने के लिए सभी प्रकार की सुविधाएं मौजूद रहेंगी। साथ ही आठ प्रोफेशनल कालेज भी खोले जाएगे। इसमें लॉ, मैनेजमेंट, कामर्स, नर्सिंग और पेरा-मेडिकल, फिजिकल एजूकेशन और बायो-मेडिकल साइंस के कोर्स करवाए जाएंगे। इससे पहले 52 कालेजों को खोलने के लिए राज्यपाल प्रशासन ने मंजूरी दी थी। इनमें से अधिकांश कालेजों को बनाने के लिए जमीन सौंप दी गई है।
अन्य के लिए अस्थायी भवन का प्रबंध किया गया है। इन कालेजों का संचालन इस साल और अगले वित्तीय वर्ष के दौरान किया जाएगा। नए कालेजों को खोलने के लिए विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के लोग कई वर्षों से मांग कर रहे थे।
मौजूदा कालेजों में पर्याप्त नामांकन होने के कारण, नए अतिरिक्त कालेज खोलने की आवश्यकता महसूस की गई। इसका उद्देश्य दूरदराज के इलाकों में रहने वाले छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाना है। सभी कालेजों को सुचारु रूप से शुरू करवाने के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी को 31 जुलाई तक नए कालेज के लिए स्थान की जांच कर अपनी रिपोर्ट राज्यपाल प्रशासन को देगी।