अनुच्छेद 370 और 35 ए हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में स्कूली बच्चे भी अब नया इतिहास और भूगोल पढ़ेंगे। निजाम बदलने के बाद अब यहां का स्कूली पाठ्यक्रम भी बदला जा रहा है। जम्मू-कश्मीर स्कूल शिक्षा बोर्ड ने नए शैक्षिक सत्र से छठी से दसवीं कक्षा तक के पाठ्यक्रम में बदलाव करने का फैसला लिया है।
इतिहास, भूगोल और नागरिक शास्त्र विषयों के पाठ्यक्रम में बड़े स्तर पर बदलाव किया जा रहा है। बदले पाठ्यक्रम की किताबें भी छपना शुरू हो गई हैं। नए पाठ्यक्रम में बदले जम्मू-कश्मीर और लद्दाख से जुड़ी कई नई जानकारियां शामिल की गई हैं।
सामाजिक अध्ययन (सोशल स्टडीज) के तहत इतिहास, नागरिक शास्त्र (सिविक्स) और भूगोल (ज्योग्राफी) विषयों में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश के तौर पर शामिल किया है। शिक्षा बोर्ड ने पाठ्यक्रम में जम्मू-कश्मीर को मुख्य रूप से शामिल किया है। 7वीं से 10वीं कक्षा की नागरिक शास्त्र की पुस्तक में जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश का नया मानचित्र भी दिया गया है।
बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया कि छठी से 10वीं तक की किताबों में बदलाव किया गया है। पाठ्यपुस्तकों में ज्यादातर पाठ्यक्रम राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के दिशा-निर्देशों के अनुसार है। नया पाठ्यक्रम 2020 में शुरू होने वाले नए सत्र से पढ़ाया जाएगा। फरवरी-मार्च 2021 में समर जोन के स्कूलों की परीक्षाओं में नए पाठ्यक्रम के आधार पर प्रश्न पत्र तैयार किए जाएंगे।