जम्मू विश्वविद्यालय में दो छात्रों को सस्पेंड किए जाने के बाद से माहौल गरमा गया है। बुद्धिस्ट स्टडीज विभाग के छात्र अवज्योत का आरोप है कि उन्हें माइनर टेस्ट में भी नहीं बैठने दिया।
उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन पर भविष्य खराब करने पर उतारू होने का आरोप जड़ा। वहीं, सनी परिहार ने एक बार फिर विश्वविद्यालय की कार्रवाई पर सवाल उठाया।
कहा-परिसर में छात्र राजनीति को न पनपने देने के नाम पर छात्रों का उत्पीड़न किया जा रहा है। उन्होंने छात्र संघ चुनाव के दौरान उनके चुनाव में उतरने पर रोक लगाए जाने का भी मुद्दा उठाया।
कहा कि हाईकोर्ट से अनुमति मिल जाने के बावजूद सचिव पद पर वोटिंग न कराया जाना यह साफ करता है कि विश्वविद्यालय प्रशासन की मंशा साफ नहीं।
कहा कि वह चुनाव के मामले में हाईकोर्ट के नतीजे का इंतजार कर रहे हैं, जिस पर सुनवाई आने वाली चार सितंबर को होनी है। उन्होंने विश्वविद्यालय पर आरोप लगाया कि वह किसी भी तरह की रणनीति अपना छात्रों पर दबाव बनाए रखना चाहता है।
सस्पेंशन झेल रहे दोनों ही छात्रों का कहना था कि उन्हें जानबूझकर फंसाया जा रहा है।
वीसी बार-बार उनसे लिखित में माफी मांगने का दबाव बना रहे हैं। लेकिन सवाल यह है कि जब उन्होंने कुछ गलत किया ही नहीं तो माफी किस बात की। बहरहाल, अब बुधवार को इस संबंध में आगे की रणनीति तय की जाएगी।