बता दें कि सीबीएसई की परीक्षा में पूछे गए प्रश्न पूरे चैप्टर में कहीं से भी पूछे जा सकते हैं। जिसके लिए विद्यार्थियों को अच्छी तरह से पाठ्यक्रम को पढ़ना पड़ता है। वहीं जेके बोर्ड परीक्षा के प्रश्न ज्यादातर किताब में दिए गए प्रश्नों में से ही होते हैं। जिससे विद्यार्थी किताबी कीड़ा बन जाते हैं और प्रतियोगी परीक्षाओं में अन्य के मुकाबले पीछे रह जाते हैं।
जेके बोर्ड में पढ़ने वाली 10वीं कक्षा की रिया शर्मा का कहना है कि जेके बोर्ड द्वारा सीबीएसई पैटर्न को अपनाने का फैसला बहुत अच्छा है इससे जेके बोर्ड का भी हर विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षा के लिए तैयार होगा।
सीबीएसई पैटर्न को अपनाने का मुख्य कारण है कि जम्मू-कश्मीर बोर्ड द्वारा पास हुए विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर की किसी भी परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन दे सकें। सीबीएसई बोर्ड से पास विद्यार्थी ज्यादा अच्छे से राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित परीक्षाओं में हिस्सा ले सकते हैं और हम चाहते हैं कि जम्मू-कश्मीर का हर विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे।-वीणा पंडिता, चेयरमैन जेके बोर्ड