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जम्मू-कश्मीर में आरटीई के तहत खुला पहला शिक्षा केंद्र, 22 बच्चों को मिला स्कूल

Mon, 13 Jan 2020 01:26 AM IST
Pranjal Dixit करिश्मा चिब, जम्मू
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माध्यमिक स्कूल, जम्मू - फोटो : अमर उजाला
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स्कूली पढ़ाई से महरूम बच्चों के जीवन में शहर के एक सरकारी स्कूल में अब शिक्षा की अलख जलने लगी है। गवर्नमेंट मिडिल स्कूल बाला जम्मू में राइट टू एजूकेशन (आरटीई) के तहत प्रदेश का पहला शिक्षा केंद्र खोला गया है। इसमें 22 बच्चों का दाखिला किया गया है। यह बच्चे भीख मांगते नजर आते थे या फिर मजदूरी पर लगे अभिभावकों के साथ काम करते हुए। अब यह बच्चे रोजाना स्कूल आ रहे हैं। मुफ्त शिक्षा सामग्री और वर्दी ने इन्हें अन्य स्कूली बच्चाें की तरह विद्यार्थी की पहचान दिला दी है। 

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गवर्नमेंट मिडिल स्कूल बाला जम्मू में गरीब बच्चों को पढ़ाने के लिए केंद्र खोेला गया है। केंद्र में 22 बच्चों का पंजीकरण किया गया है। यह रोजाना पढ़ाई करने के लिए केंद्र में आ भी रहे हैं। इन बच्चों को पढ़ाई करवाने के लिए शिक्षा विभाग की तरफ से दो शिक्षक तैनात की गई हैं। यह शिक्षक बच्चों को घर से स्कूल लाने से लेकर उनकी पढ़ाई का काम देख रही हैं। 

कुछ दिन पहले तक अलग-अलग आयु के बच्चे भीख मांगते हुए और कचरा उठाते हुए सड़कों पर दिखाई देते थे। अपना समय सिर्फ खेलने में बिताते थे। मां-बाप गरीबी के कारण इन्हें स्कूल भेजने में असमर्थ थे। शिक्षा विभाग की ओर से ब्रिज कोर्स की किताबें बच्चों को मुफ्त में दी जाएंगी। कॉपी, किताब से लेकर पेंसिल तक स्कूल से ही उपलब्ध करवाया जाएगा। 

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शिक्षा केंद्र की अध्यक्ष डॉ. कमलजीत कौर ने बताया कि इस केंद्र में प्रिंस, राधिका, संध्या, श्याम, विनीत, बेबो, नताशा आदि को जोड़ा गया है। इन बच्चों को सुबह नौ से दोपहर एक बजे तक पढ़ाया सिखाया जाता है। सभी अलग-अलग आयु और अलग-अलग जगहों के हैं। शिक्षा केंद्र को समग्र शिक्षा अभियान और स्कूली शिक्षा निदेशालय के निर्देश पर चलाया जा रहा है।

जम्मू-कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद यहां आरटीई लागू किया गया है। इस योजना के तहत हर बच्चे को स्कूल से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
-बलवीर सुदन, जिला शिक्षा योजना अधिकारी 

 

इस केंद्र के माध्यम से हर उस बच्चे को स्कूल में पहुंचाना है जो किन्हीं कारणों से स्कूल नहीं जा पाया है या उसे पढ़ाई छोड़नी पड़ी है। अलग-अलग आयु वर्ग के बच्चे स्कूल के बाकी बच्चों के साथ रहकर उनसे कई अच्छी आदतें और पढ़ना लिखना सीखेंगे।- कुलवीर सिंह, मुख्य शिक्षा अधिकारी जम्मू

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