जम्मू-कश्मीर के कुल खर्च में वर्ष 2014 से 2019 तक खासी बढ़ोतरी हुई है। संसद में पेश की गई रिपोर्ट में बढ़े खर्च के आंकड़े पेश किए गए हैं। सीएजी रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2014 में तत्कालीन राज्य का कुल खर्च 34,550 करोड़ था जो वर्ष 2019 में बढ़कर 64,572 करोड़ पहुंच गया। सबसे ज्यादा पैसा वेतन-भत्तों पर खर्च हुआ। वेतन भत्तों पर वर्ष 2014 में 29,329 करोड़ खर्च हुए, जो वर्ष 2019 में बढ़कर 56,090 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। पांच साल में यह 91 फीसदी वृद्धि थी।
सबसे ज्यादा राशि वेतन भत्तों पर खर्च की गई
सीएजी रिपोर्ट के अनुसार बजट के नॉन प्लान खर्च में सबसे ज्यादा राशि वेतन भत्तों पर खर्च की गई। वर्ष 2014 में वेतन भत्तों पर 26,457 करोड़ खर्च हुए जबकि वर्ष 2019 में यह खर्च 102 फीसदी बढ़कर 53,578 करोड़ पहुंच गया। इस दौरान विकास पर खर्च में 64 फीसदी वृद्धि दर्ज की गई। 2014 में विकास पर 5,134 करोड़ खर्च हुए थे। वर्ष 2019 में कुल 8,413 करोड़ रुपये खर्च किए गए।