माहौल खराब होने के बाद अभिभावक भी लगातार अपने बच्चों के संपर्क में हैं। अधिनियम के विरोध में देशभर में हो रहे हिंसक प्रदर्शनों को देखते हुए जम्मू-कश्मीर सरकार की ओर से पहले ही देश के विभिन्न हिस्सों में प्रदेश के विद्यार्थियों की सहूलियत के लिए छह लाइजनिंग अधिकारी नियुक्त किए हैं।
ये अधिकारी स्थानीय प्रशासन/कॉलेज प्रशासनों और प्रदेश सरकार के साथ संपर्क में रहकर विद्यार्थियों की सभी समस्याओं का निदान करने का प्रयास कर रहे हैं। जम्मू-कश्मीर के विद्यार्थियों को किसी भी तरह से शांति और सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने वाली ताकतों से बचने के लिए सोशल मीडिया का सावधानी से प्रयोग करने की हिदायत दी गई है। इसमें अफवाहों से भी बचने को कहा गया है।