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By-Election: बडगाम सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला...नेकां, भाजपा और पीडीपी में टक्कर; 35 हजार शिया वोटों पर सबकी नजर

Wed, 22 Oct 2025 02:20 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

बडगाम में 20 उम्मीदवारों के बीच सबकी नजरें नेकां में छिड़े विद्रोह पर लगी हैं। नेशनल कॉन्फ्रेंस के नामांकन से सांसद आगा रूहुल्ला के अलग रहने के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। बडगाम में कुल मतदाताओं की संख्या 1.26 लाख है और इनमें से 35 हजार वोटर शिया समुदाय से हैं। 
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उमर अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती और सुनील शर्मा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस व विपक्षी भाजपा के उम्मीदवारों ने सोमवार को बडगाम विधानसभा उपचुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल किए। नेकां ने वरिष्ठ शिया नेता आगा महमूद को अपना उम्मीदवार बनाया है जबकि भाजपा ने आगा सैयद मोहसिन को मैदान में उतारा है। पीडीपी ने भी अपने उम्मीदवार आगा मुंतजिर मेहदी को मैदान में उतारा है।
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नामांकन के दौरान आगा महमूद के साथ मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला सहित नेकां के वरिष्ठ नेता जबकि आगा सैयद मोहसिन के साथ विपक्ष के नेता सुनील शर्मा मौजूद रहे। आगा महमूद ने कहा कि नेकां ने आगा रुहुल्ला के राजनीतिक करिअर को आकार देने में अहम भूमिका निभाई है। 

महमूद ने कहा उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्हें विश्वास है कि वे जरूर आगे आएंगे। वह रुहुल्ला के साथ नियमित संपर्क में हैं। उन्होंने कहा, राजनीति से हटकर वह मेरे अपने बेटे जैसे रहे हैं। महमूद ने विश्वास जताया कि रुहुल्ला चुनाव प्रचार में हिस्सा लेंगे। 
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उनके न आने का कोई कारण नहीं है। वह पार्टी के सदस्य हैं। पार्टी ने उन्हें लगभग 2002 से 2018 तक विधानसभा सदस्य बनाया और फिर वह सांसद बने। उन्होंने कहा, चाहे अनुच्छेद 370 हो, अनुच्छेद 35ए हो या आरक्षण, ये नेकां के मुद्दे हैं। उन्होंने कहा आगा रुहुल्ला चुनावों में पार्टी के लिए प्रचार करेंगे। वह पार्टी से जुड़े हैं।

वहीं भाजपा उम्मीदवार के साथ पहुंचे सुनील शर्मा ने कहा कि नेकां ने बार-बार लोगों को निराश किया है। स्मार्ट मीटर समेत उसकी हालिया नीतियों में बदलाव, शासन में असंगति को दर्शाता है। उन्होंने क्षेत्र में पार्टी के लंबे समय से चले आ रहे प्रभुत्व का हवाला देते हुए कहा, लोग नेकां की गुलामी से तंग आ चुके हैं और विकल्प तलाश रहे हैं। 

अब्दुल्ला परिवार ने दशकों से कश्मीर की राजनीति पर नियंत्रण बनाए रखा है। पारिवारिक प्रभुत्व के खिलाफ बड़ी लड़ाई शुरू हो गई है। नेकां जल्द बिखर जाएगी। भाजपा सुनिश्चित करेगी कि कल्याणकारी नीतियां बडगाम और पूरे कश्मीर में जमीनी स्तर तक पहुंचें। 

 

बडगाम में 35 हजार शिया वोटों पर सबकी नजर
बडगाम में 20 उम्मीदवारों के बीच सबकी नजरें नेकां में छिड़े विद्रोह पर लगी हैं। नेशनल कॉन्फ्रेंस के नामांकन से सांसद आगा रूहुल्ला के अलग रहने के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। बडगाम में कुल मतदाताओं की संख्या 1.26 लाख है और इनमें से 35 हजार वोटर शिया समुदाय से हैं। 
 
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तीन बड़ी पार्टियों ने इसी समुदाय के नेताओं को मैदान में उतारा है। नेकां ने आगा सैयद महमूद अल-मौसवी, पीडीपी ने आगा सैयद मुंतजिर मेहदी और भाजपा ने आगा सैयद मोहसिन मौसवी को अपना उम्मीदवार बनाया है। भाजपा के शिया उम्मीदवार को मैदान में उतारने से यहां मुकाबला रोचक हो गया है। शिया वोट बैंक में भाजपा की सेंधमारी और सांसद आगा रूहुल्ला का किनारे होने का लान नेकां को नुकसान पहुंचा सकता है।
 
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