सांबा। कोरेना की रोकथाम के लिए लगाए गए कोरोना कर्फ्यू के चलते लगभग एक माह से बंद पड़ी शराब की दुकानें खुलने से शराब खरीदने के लिए पियक्कड़ों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। यहां सरकार की तरफ से जारी कोविड के नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाई गईं।
एक तरफ तो पुलिस मास्क नहीं पहनने वालों के चालान काट रही है। दूसरी तरफ शराब की दुकानों के आगे उमड़ी भीड़ द्वारा दो गज की दूरी का पालन नही करने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। न ही शराब की दुकान बंद कराई जाती है। कई लोग बिना मास्क के ही कतारों में खडे़ देखे गए। ऐसे में कोरोना की चेन को कैसे रोका जाएगा।
सनद रहे कि जम्मू-कश्मीर में कोरोना संक्रमण के बढ़तेे मामलों को देखते हुए करीब एक माह का कोरोना कर्फ्यू लगाया गया, लेकिन जैसे ही अनलॉक शुरू हुआ तो शराब की दुकानों पर लंबी-लंबी कतारें लग गईं। इस दौरान कोविड एसओपी की खुलकर धज्जियां उड़ाई गईं। सब्जी व राशन पर सामाजिक दूरी का पालन कराने को लेकर मुस्तैद दिखने वाली पुलिस नदारद दिखी। सामाजिक दूरी का पालन कराने के लिए दूर-दूर तक कोई नजर नहीं आया। कोविड महामारी के दौर से सांबा जिला जिस दौर से गुजरा है उस इलाके में ऐसे दृश्य दिखना कोविड एसओपी का पालन कराने वालों पर सवालिया निशान खड़ा करता है।
उधर उपायुक्त अनुराधा गुप्ता आम लोगों को प्रशासन को सहयोग करने की अपील कर रही हैं। दुकानदारों को सामाजिक दूरी का पालन करने व मास्क पहनने को कह रही हैं। शराब की दुकानों पर ऐसा कुछ भी नहीं दिखाई दिया है। लोगों को भी चाहिए कि इस बात को समझा जाए कि शराब से ज्यादा जरूरी जिंदगी है और कोविड संक्रमण को फैलने से रोकने में लोगों का सहयोग बेहद जरूरी है।
शराब की दुकानों पर जुटी खरीदारों की भीड़
विजयपुर। कोरोना कर्फ्यू कारण शराब की दुकानें बंद रहीं। मंगलवार को जैसे ही शराब की दुकानें खुलीं तो खरीदारों की भीड़ एकत्र हो गई। इस मौके पर क्षेत्र की पुलिस भी तैनात रही ताकि दो गज की दूरी का पालन रहे। कोरोना कर्फ्यू के कारण शराब की दुकानें बंद थीं, जिस कारण कुछ लोग गैर कानूनी ढंग से शराब बेच रहे थे। शराब पीने वाले महंगे दाम में खरीद रहे थे। अब सरकारी रेट पर शराब खरीद रहे हैं। क्षेत्र के रमेश चंद्र, दीपक कुमार, पृथ्वी राज, जोगिंदर सिंह, हरदेव सिंह, जसपाल आदि ने बताया कि शराब की दुकान खोलने से राहत मिली है। क्योंकि पहले महंगे दाम से लोगों से गैरकानूनी ढंग से शराब की खरीदारी की जाती थी। संवाद