-चार महिला उद्यमियों ने लगाए डोगरी खानपान के स्टॉल, घर की रसोई से एक्सपो तक पहुंचा महिलाओं का कारोबार
संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। जम्मू एक्सपो 2.0 का समापन स्थानीय उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों और स्टार्टअप के उत्साह के साथ हुआ। एक्सपो में जम्मू के साथ कश्मीर के स्टॉल भी आकर्षण का केंद्र रहे। डुग्गर की पारंपरिक संस्कृति और खानपान को बढ़ावा देने के लिए चार महिलाओं ने डोगरी व्यंजनों के स्टॉल लगाए। इन स्टॉलों पर पारंपरिक स्वाद के साथ महिलाओं के स्वरोजगार की झलक भी दिखी। घर की रसोई से एक्सपो तक पहुंचा महिलाओं के कारोबार ने लोगों को डुग्गर के असली स्वाद से रूबरू करवाया।
घर के खाने में दादी नानी का जादू
बख्शी नगर की रहने वाली रानी देवी डोगरी के पारंपरिक व्यंजनों हलवा पूरी, बबरु और ओरिया के साथ राजमा-चावल बनाती है। उन्होंने एक्सपो में भी इन्हीं व्यंजनों का स्टॉल लगाया। हॉर्टिकल्चर विभाग के सहयोग से अपना काम आगे बढ़ा रहीं रानी घर से ही खाने के ऑर्डर तैयार करती हैं। वह बताती हैं कि विभिन्न कार्यक्रमों और समारोहों में 30 से 40 लोगों तक का खाना बनाकर पहुंचाती हैं। पारंपरिक डोगरी खाने के प्रति लोगों की पसंद उन्हें अपना काम आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करती है।
मां से सीखे डोगरी व्यंजन, संस्कृति से जुड़ने की चाह
अखनूर की रहने वाली युवती खुशी ने एक्सपो में कियूर, पत्तोड़ और चिल्ले का स्टॉल लगाया। उनके बनाए व्यंजनों को लोगों ने खूब पसंद किया। खुशी बताती हैं कि वह अपने डोगरी कल्चर और पारंपरिक खानपान से जुड़ी रहना चाहती हैं। इसी सोच के साथ उन्होंने अपनी मां से ये पारंपरिक व्यंजन बनाना सीखा। अखनूर में उनकी अपनी दुकान भी है, जहां वह इन व्यंजनों के जरिये डोगरी स्वाद को लोगों तक पहुंचा रही हैं।
महिलाओं के साथ मिलकर चला रहीं घर से खाने का कारोबार
नानक नगर की नीरू मेहरा घर से ही शादियों और अन्य समारोहों के लिए खाना तैयार करती हैं। उनके साथ कई अन्य महिलाएं भी इस काम से जुड़ी हुई हैं। एक्सपो में उन्होंने देसी चाय, राजमा-चावल और साग-तोड़ा जैसे पारंपरिक व्यंजन परोसे। उनके स्टॉल पर लोगों ने डोगरी खानपान का खूब आनंद लिया। नीरू का यह प्रयास न केवल पारंपरिक स्वाद को आगे बढ़ा रहा है, बल्कि दूसरी महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा कर रहा
पारंपरिक कलाड़ी कुलचे के साथ हेल्दी मिठाई का स्वाद
आरएस पुरा से गोमती शर्मा ने एक्सपो में पारंपरिक डोगरी व्यंजनों के साथ स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए तैयार किए गए उत्पाद भी पेश किए। उन्होंने शुगर फ्री ड्राई फ्रूट के लड्डू बनाए। डुग्गर के सबसे लोकप्रिय पारंपरिक व्यंजनों में शामिल कलाड़ी कुलचे भी स्टॉल पर उपलब्ध रहे। उनके स्टॉल पर पारंपरिक स्वाद के साथ हेल्दी विकल्पों को भी लोगों ने पसंद किया।