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पाकिस्तानी गोलीबारी से बचाने के लिए बने बंकरों में भरा पानी

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गांवो मे बनाए बंकरो पर मोंटी नही होने पर ग्रामीणा ने घास से ढक रखे - फोटो : SAMBA
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सांबा। जिले के सीमावर्ती गांवों में पाकिस्तानी गोलाबारी से ग्रामीणों को बचाने के लिए सरकार की ओर से बंकर बनाए जाने का काम शुरू कराया गया। बंकर बनाए गए तो गए लेकिन आज भी कई बंकर अधूरे हैं। कई में बारिश से पानी भर जाता है। इसके चलते ग्रामीण परेशान रहते हैं।
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जिले के सीमावर्ती पंचायत चक दुल्मा पंचायत के सरपंच विनय शर्मा ने बताया कि पंचायत भारत-पाकिस्तान सीमा के निकट है। ऐसे में कुछ ग्रामीणों के बंकर नहीं बने हैं। कई ग्रामीण ऐसे में जिनके पास भूमि नहीं है। इस कारण बंकर नहीं बनाए गए हैं। ग्रामीण राकेश कुमार के अनुसार उनके घर में बनाया बंकर में थोड़ी सी बारिश होने से पानी भर जाता है। ऐसे में यदि सीमा पर गोलीबारी हो जाए तो वह अपनी सुरक्षा कैसे करेंगे। ग्रामीण राम पाल ने बताया कि उनके घर में बंकर बनाए जाने का काम शुरू तो किया गया, लेकिन उसे अधर में ही छोड़ दिया गया। पहले तो बिना नक्शे के ही ठेकेदार ने निर्माण शुरू कर दिया। बाद में इंजीनियर ने रिजेक्ट कर दिया। उसके बाद उसे अधर में ही छोड़ दिया गया। कई बार उन्होंने अपनी परेशानी जिला प्रशासन को बताई, लेकिन आज तक उनके घर में बनाए जाने वाले बंकर की हालत जस की तस है।
जिले के सीमावर्ती गांव गलाड के नायब सरपंच शमशेर सिंह ने बताया कि गलाड कैंप में तो बंकर बनाए, लेकिन गलाड के पुराने गांव में आज तक बंकर नहीं बनाए गए हैं। उनका गांव भारत-पाकिस्तान सीमा के पास है। ऐसे में पाकिस्तान की ओर से की जाने वाली गोलाबारी से वह परिजनों की सुरक्षा कैसे करेंगे। इस बाबत कई बार जिला प्रशासन को अवगत कराया गया है, लेकिन बंकरों को लेकर प्रशासन गंभीर नहीं है। बंकर बनाने वाले ठेकेदार सुनील कुमार ने बताया कि ग्रामीण विकास विभाग की ओर से उन्हें बंकर बनाने का ठेका दिया गया। उन्होंने बंकर बनाए, लेकिन आज तक उन्हें बकाया राशि नहीं दी गई है। इसके लिए उन्होंने एलजी और पीएमओ डॉ. जितेंद्र सिंह से भेंट कर उन्हें भी अवगत कराया है। उन्हें आश्वासन दिया गया कि उनकी बकाया राशि का भुगतान किया जाएगा।
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सांबा में 1780 बंकर बनाए जाने हैं। जबकि 180 के करीब बंकर निर्माण लंबित है। क्योंकि कुछ ग्रामीणों के पास भूमि नहीं है। कुछ ठेकेदारों को भुगतान नहीं होने पर भी लंबित हैं। जिन बंकर में मौंटी नहीं बनाई गई है उनमें पानी भर जाता है। विभाग द्वारा बनाए गए बंकरों में मौंटी बनाई गई है। कुल मिला कर दस प्रतिशत बंकरों का निर्माण होना बकाया है।
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-अनिल गुप्ता, कार्यकारी अभियंता, सड़क एवं भवन निर्माण विभाग, सांबा।
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