अमूमन प्याज आंसू निकाल देता है। कभी दाम बढ़ने से तो कभी काटते पर। इस बार प्याज किसानों की आंखों में खुशी के आंसू लाया है। कारण है, बंपर फसल। जम्मू के तहत आते सुंदरबनी के भजवाल क्षेत्र में इस बार 3 कनाल में 60 क्विंटल पैदावार ली गई है।
किसान सागर शर्मा ने यह कमाल कर दिखाया है। युवा किसान ने बताया कि उसके बाप-दादा भी खेती ही करते आए हैं इसलिए खेती का ज्ञान है। इतनी पैदावार लेने के लिए सबसे अहम बीज का चुनाव और इसे समय पर लगाना जरूरी होता है।
उसने हाइब्रिड बीज से पनीरी तैयार की थी। समय पर इसमें बीमारियों की रोकथाम की गई। दो बार निराई-गुडाई की गई। यह सब इसी का नतीजा है। बंपर पैदावार की और कोई विधि नहीं है।
जनवरी में लगाते हैं पनीरी, मई में आती है फसल
सागर शर्मा बताते हैं कि जनवरी में प्याज की पनीरी की रोपाई की जाती है। इसके बाद फरवरी शुरु और अंत में दो बार इसकी निराई-गुडाई की जाती है। मई में इसको जमीन से निकाल लिया जाता है। उनके पास 5 कनाल जमीन ही है जिससे वह परिवार का खर्च चलाते हैं। इसी जमीन में वह गोभी और सब्जी की अन्य फसलें भी लेते हैं।
खुद मार्केटिंग कर लेते हैं बाजार से ज्यादा मुनाफा
सागर शर्मा अपनी फसल की मार्केटिंग खुद करते हैं। इसके चलते इलाके के लोगों को पता है कि उनके पास क्या-क्या फसल होती है। वह बताते हैं कि लोग घर से उनके उगाये गए उत्पाद खरीदकर ले जाते हैं।
प्याज को भी वह 10 से 20 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बेच रहे हैं। इससे वह 60 क्विंटल प्याज को 1 लाख रुपये से ज्यादा में बेच देंगे जबकि मंडी में बेचकर उन्हें इसका आधा भी नहीं मिलता।