भाजपा के वरिष्ठ नेता निर्मल सिंह के परिवार की ओर से शहर के बाहरी इलाके बन में सेना के एक डिपो के पास एक इमारत का निर्माण किया जा रहा है जो लगभग पूरा होने वाला है। यह निर्माण जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट के निर्देश के बाद भी जारी है जिसमें पिछले साल विवादित स्थल पर यथास्थिति बरकरार रखने को कहा गया था।
हाईकोर्ट ने पिछले साल सात मई को सेना की ओर से दायर याचिका के अंतिम निपटारे तक यथास्थिति बरकरार रखने का आदेश दिया था। सेना ने दावा किया था कि इमारत नियमों का उल्लंघन कर बनाई जा रही है। हाईकोर्ट ने अवमानना याचिका की सुनवाई पर राज्य के विभिन्न विभागों से जवाब तलब किया था।
साथ ही हिदायत दी थी कि अगस्त 2015 में जारी आदेश का नियमों व कानून के सभी प्रावधानों के साथ कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। किसी भी स्थिति में बिना अनुमति तथा गैर कानूनी गतिविधियां न होने पाएं। 2015 के आदेश में कहा गया था कि बन गांव में आयुध भंडार से 1000 यार्ड के दायरे में रहने वाले सभी लोगों पर यह आदेश लागू होगा। इसके उल्लंघन पर जीओसी की ओर से कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अवैध ढांचे को तोड़ने पर किसी प्रकार के मुआवजे का भुगतान नहीं होगा।
2017 में निर्माण कार्य शुरू होने पर सेना की ओर से तत्कालीन उप मुख्यमंत्री निर्मल सिंह को पत्र भेजकर काम रोकने को कहा गया था। कहा गया था कि यह रक्षा कार्य अधिनियम 1903 उल्लंघन है जिसमें कोई भी निर्माण कार्य 1000 यार्ड (914 मीटर) के दायरे में प्रतिबंधित है। यह निर्माण कार्य डिपो की सीमा से करीब 581 यार्ड (531 मीटर) की दूरी पर है।
-ममता सिंह को जारी हुआ था नोटिस
केंद्र ने 2018 में निर्मल सिंह की पत्नी ममता सिंह के खिलाफ तत्कालीन डीसी सिमरनदीप सिंह के 2015 के आदेशों के उल्लंघन पर नोटिस जारी किया था। स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस जब 2015 के आदेश को लागू कराने में विफल रही तो सेना ने तीन मई 2018 को यातिक दाखिल की। हाईकोर्ट के डीसी के आदेश का कड़ाई से अनुपालन करने के आदेश के बाद भी जब निर्माण कार्य जारी रहा तो केंद्र ने 16 मई 2018 को अवमानना याचिका दाखिल की।
-निर्माण कार्यों से सर्विलांस में दिक्कत
रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि हाल के पुलवामा हमले तथा नवंबर 2016 में नगरोटा हमले के बाद संवेदनशील सुरक्षा प्रतिष्ठानों की सुरक्षा काफी महत्वपूर्ण हो जाती है। इस प्रकार के निर्माणों से सेना को सर्विलांस तथा निगरानी रखने के लिए जरूरी खुले इलाके भी कम हो जाता है।
इलाके में निर्माण पर रोक नहीं: अधिवक्ता
भाजपा नेता के वकील आरके गुप्ता का कहना है कि इलाके के नागरिकों के किसी भी निर्माण कार्यों पर रोक नहीं है। कोर्ट ने केवल इतना निर्देश दिया है कि 2015 में जारी आदेश का अनुपालन कानून तथा एक्ट के तहत किया जाए। उन्होंने कहा, नोटिफिकेशन प्रावधानों के तहत वैध नहीं है और इसे लागू नहीं किया जा सकता।