पाकिस्तानी गोलाबारी में मारे गए पशुओं के लिए मदद को प्रशासन ने जो रेट तय किए हैं, उससे गुज्जर ही नहीं, बल्कि पूर्व मंत्री भी हैरान हैं। सरकार ने गोलाबारी में मारी गई प्रत्येक भैंस के लिए दस हजार रुपये और बकरी के लिए पांच सौ रुपये देने का फैसला किया है।
चकरोई स्कूल में रह रहे गुज्जरों का हालचाल लेने पहुंचे पूर्व चिकित्सा शिक्षा मंत्री आरएस चिब ने कहा कि यह तो प्रभावितों के साथ मजाक है। हलकी भैंस भी 20-25 हजार रुपये से कम में नहीं मिलती।
बकरे का मीट सवा सौ रुपये किलो बाजार में है और प्रशासन मात्र पांच सौ रुपये दे रहा है। चिब ने कहा कि प्रशासन को फिर से इस पर विचार करना चाहिए।