वित्त विभाग में लेटलतीफी से केंद्रीय प्रायोजित कई स्वास्थ्य योजनाएं गति नहीं पकड़ रही हैं। केंद्र से वित्त विभाग को राशि जारी की गई है। लेकिन वित्त विभाग की ओर से स्टेट हेल्थ सोसायटी को राशि जारी नहीं किए जाने से योजनाएं सुस्त पड़ने के साथ मुलाजिमों को वेतन के लाले भी पड़ गए हैं।
जिससे वित्त वर्ष के खत्म होने तक करोड़ों रुपये के लैप्स होने की आशंका बन गई है। एनएचएम के मिशन निदेशक डा. यशपाल शर्मा के अनुसार वित्त विभाग से राशि जारी होने पर मुलाजिमों का वेतन शीघ्र जारी कर दिया जाएगा। सभी केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं को अमल में लाया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार वर्ष 2013-14 के लिए जम्मू-कश्मीर को नेशनल हेल्थ मिशन/डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम में 530 करोड़ रुपये की दोगुनी राशि मंजूर की गई थी। इसमें पुराने के साथ कई नए स्वास्थ्य योजनाएं राज्य में शुरू की गईं। इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से वित्त विभाग को जारी की गई राशि की पहली किश्त में 132 करोड़ रुपये जुलाई 2014 में जारी किए गए।
लेकिन दूसरी किश्त अभी तक वित्त विभाग से जारी नहीं की जा सकी है। पिछले साल के अंत में केंद्र सरकार की ओर से राज्य के वित्त विभाग को 150 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा चुकी है। लेकिन वित्त विभाग से आगे स्टेट हेल्थ सोसायटी और जिला हेल्थ सोसायटियों तक राशि न पहुंचने से स्वास्थ्य योजनाएं प्रभावित हो रही हैं।
चालू वित्त वर्ष के खत्म होने में ढाई माह ही शेष बचे हैं। जबकि कुल राशि में से अभी आधी भी जारी नहीं हो पाई है। जिससे वित्त वर्ष में पूरी राशि खर्च करना भी बड़ी चुनौती रहेगा। उल्लेखनीय है कि एनआरएचएम में फीमेलमल्टीपर्पज हेल्थ वर्करों को करीब पांच माह से वेतन जारी नहीं हो पाया है।