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Budget 2025: केंद्रीय बजट में जम्मू-कश्मीर के लिए 300 करोड़ रुपये का प्रावधान, निवेशकों को मिलेगा प्रोत्साहन

Sun, 02 Feb 2025 12:52 PM IST
निकिता गुप्ता अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

केंद्रीय बजट में जम्मू-कश्मीर के औद्योगिक विकास के लिए 300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया, लेकिन पैकेज विस्तार न होने से निवेशकों को झटका लगा और 300 पंजीकरण रुक गए।

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बजट 2025 - फोटो : PTI
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विस्तार
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जम्मू कश्मीर के औद्योगिक विकास के लिए नई केंद्रीय क्षेत्र योजना के तहत प्रोत्साहन के लिए केंद्रीय बजट में 300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस योजना के तहत अब तक 971 निवेशक पंजीकृत हुए हैं। योजना के तहत 2037 तक निवेशकों को पूंजी निवेश प्रोत्साहन, पूंजी ब्याज अनुदान, माल और सेवा कर से जुड़ा प्रोत्साहन और कार्यशील पूंजी ब्याज अनुदान के तहत प्रोत्साहन दिए जाएंगे। पिछले बजट में भी प्रोत्साहन और औद्योगिक विकास के लिए 300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था।

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इस औद्योगिक योजना को वर्ष 2021 में लाया गया था। योजना के तहत एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के अब तक निवेश प्रस्ताव आ चुके हैं। अब तक 8000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हो चुका है। जिसमें करीब 900 औद्योगिक इकाइयों के जमीनी स्तर पर कार्य शुरू करने के दावे किए गए हैं। इस योजना के तहत 500 करोड़ रुपये से अधिक की निवेश की कई इकाइयां स्थापित की जा चुकी हैं।

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पैकेज का विस्तार न होने से 300 निवेशकों का पंजीकरण नहींजम्मू। केंद्रीय बजट में नई केंद्रीय क्षेत्र योजना पैकेज का विस्तार न होने से करीब 300 निवेशकों का पंजीकरण नहीं हो पाया है। वर्ष 2021 में इस योजना के जमीन पर उतरने के बाद 30 सितंबर 2024 को इसका बजट प्रावधान खत्म हो गया था। जिसके बाद लगातार इसके बजट पैकेज को 28400 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 75000 करोड़ रुपये करने की मांग की जा रही थी।

इसमें 46000 करोड़ के अतिरिक्त पैकेज की मांग की गई थी। पैकेज का विस्तार न होने से मशीनरी पर करीब 10 हजार करोड़ रुपये का निवेश रुक गया है। जिन निवेशकों से कुछ राशि प्रोेजेक्टों पर लगाई है, वे प्रोत्साहन पर संशय के कारण और पैसा नहीं लगा रहे हैं।

उपराज्यपाल और सीएम ने केंद्र से लगाई थी गुहारकेंद्रीय क्षेत्र योजना के विस्तार के लिए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार से गुहार लगाई थी। इसमें मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात भी की थी।

देश विदेश से आने वाले निवेश को झटका-फेडरेशन
फेडरेशन ऑफ इंडस्ट्रीज, जम्मू के अध्यक्ष एवं बाड़ी ब्राह्मणा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रधान ललित महाजन ने कहा कि बजट प्रस्तावों में जम्मू-कश्मीर की मौजूदा और नई इकाइयों के लिए प्रोत्साहन के केंद्रीय पैकेज के विस्तार का कोई प्रस्ताव नहीं रखा गया है।

जम्मू कश्मीर और देश के अन्य हिस्सों के निवेशक लगातार केंद्रीय पैकेज की मांग कर रहे थे। लेकिन ऐसा न होने से मौजूदा इकाइयों के साथ देश विदेश से आने वाले आगामी निवेश को झटका लगा है। मौजूदा कार्यशील औद्योगिक इकाइयों के लिए वित्तीय प्रोत्साहन के लिए कोई घोषणा नहीं हुई है। उन्हें 1800 करोड़ रुपये की तुलना में मौजूदा सिर्फ 500 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन मिल रहा है। हालांकि एमएसएमई के लिए टर्नओवर वर्गीकरण मानदंड में संशोधन किया गया है। 
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औद्योगिक विकास में चुनौती बढ़ेगी-चैंबर
चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री जम्मू के अध्यक्ष अरुण गुप्ता ने कहा कि आम बजट में रक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, विकास, निर्यात, महिलाओं, युवाओं, निम्न मध्यम वर्ग के लोगों और मेक इन इंडिया मिशन जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया है। लेकिन जम्मू कश्मीर खासतौर पर जम्मू में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने और रोजगार पैदा करने के लिए कोई सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम स्थापित करने की घोषणा न होने से निराशा हुई है।

जम्मू में किसी बड़े पर्यटन स्थल की स्थापना की घोषणा नहीं की गई। चूंकि कश्मीर तक रेल का विस्तार हो रहा है, ऐसे में जम्मू में पर्यटकों को रोकने के लिए आकर्षक प्रयास जरूरी हैं। 36 जीवन रक्षक दवाओं में मूल सीमा शुल्क में कटौती सही है। बजट में कैंसर डे केयर केंद्र खोलने, 12 लाख रुपये तक की आय पर आयकर छूट, 2028 तक जल जीवन मिशन के तहत 100 प्रतिशत कवरेज सराहनीय है।
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