केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बजट भाषण
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नए साल का केंद्रीय बजट आने पर प्रदेश के युवाओं में खुशी का माहौल है। इस बजट में उन्होंने आय कर के बढ़ाने के प्रावधान को सराहा है। उन्होंने कहा कि पहले की बजाय इस बार मध्य वर्ग के लोगों को सरकार ने काफी राहत दी है। यह पहले नहीं थी। पहले लोग परेशान रहते थे। ढाई से पांच लाख रुपये पर आय कर भरना पड़ता था। इस बार सरकार लोगों की उम्मीदों पर खरी उतरी है।
युवती अक्षी बलोरिया ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश भर में 157 नए नर्सिंग कॉलेज खोलने की घोषणा की है। यह स्वागत योग्य फैसला है। इससे महिला सशक्तिकरण में मदद मिलेगी। छात्राओं को चिकित्सा क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए मौका मिलेगा।
युवा मुकेश मन्हास ने कहा कि पांच लाख की बजाय सात लाख रुपये आय कर का निणर्य सहाहनीय कदम है। इससे छोटे व्यावसायी और मध्य वर्ग को राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग और शोध के लिए जीडीपी का दो प्रतिशत खर्च किया जाना चाहिए।
युवा रमणीक शर्मा ने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग में शोध के लिए अलग बजट से ग्रांट निकाली जाए। इससे शोध की गुणवत्ता बढ़ेगी। शोध के क्षेत्र में युवा अधिक उत्सुकता के साथ भाग लेंगे। इसके अलावा उन्होंने कहा कि शोध को बढ़ावा मिलने से इनोवेशन को भी धरातल पर लागू करने में आसानी होगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने बजट में हर क्षेत्र के लिए बेहतर प्रावधान रखा है।
युवा शुभम रैना ने कहा कि सुरक्षा के लिए सरकार ने 13 फीसदी बजट बढ़ाया है। प्रौद्योगिकी को भी बजट के माध्यम से बढ़ावा दिया जाएगा। मेक इन इंडिया के सपने को साकार करने का बजट में प्रावधान रखा गया है। इसके साथ अन्य किसी भी क्षेत्र को दरकिनार नहीं किया गया है। शिक्षा की व्यवस्था को बेहतर करने का भी सरकार अच्छा कदम उठाया है।
गरीबों पर सरकार ने नहीं किया ध्यान केंद्रित
युवती जीवन ज्योति ने कहा कि इस बजट में गरीबों पर सरकार ने कोई ध्यान केंद्रित नहीं किया है। लोगों की जो आकांक्षाएं और उम्मीदें थीं, उन्हें सिरे से नकार दिया गया है।