आरएस पुरा सेक्टर में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर गश्त करतीं जांबाज महिला बीएसएफ जवान।
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घुसपैठ, घना कोहरा, धुंध और ठिठुरन की चुनौती के बीच भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) पर महिला बीएसएफ जवान मुस्तैद हैं। ठिठुरन भरे दिन और रात में वे आधुनिक हथियारों और निगरानी उपकरणों के साथ पुरुष जवानों के साथ कंधे से कंधे मिलाकर पाकिस्तान की हर हरकत पर पैनी नजर रखे हुए हैं।
वे किसी भी नापाक हरकत का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार हैं। आरएस पुरा सेक्टर में आईबी के पास इन दिनों घना कोहरे और धुंध छाई हुई है। इसकी आड़ में आतंकी घुसपैठ की फिराक में बैठे हैं। उनकी साजिश को नाकाम करने के लिए नए साल में अपने घर-परिवार से हजारों मील दूर रहकर भी महिला जवान देश के प्रति कर्तव्य पूरी निष्ठा से निभा रही हैं। महिला जवानों का साहस भी देखते ही बनता है। वे हर चुनौती से निपटने को तैयार हैं। घंटों तक गश्त करती हैं।
सीमापार से घुसपैठ का सुरक्षा एजेंसियों के पास इनपुट है। बीएसएफ से जुड़े सूत्र भी बताते हैं कि पाकिस्तान ने 72 लॉन्चिंग पैड आतंकियों की घुसपैठ करवाने के लिए स्थापित किए हैं। आईबी के पास ही ऐसे 12 लॉन्चिंग पैड एक्टिव हैं। पाकिस्तान की तरफ से आतंकी घुसपैठ करने की लगातार कोशिश भी कर रहे हैं।
हालांकि, ऑपरेशन सिंदूर के बाद बीएसएफ ने सीमा पर मजबूत सुरक्षा ग्रिड तैयार किया है जिसे भेद पाना अब आतंकियों के लिए नामुमकिन है। सीमा पर रात के समय गश्त, निगरानी और चौकसी का जिम्मा महिला जवान भी संभाल रही हैं। सुरक्षा एजेंसियां पाकिस्तान की तरफ से होने वाली हर एक छोटी बड़ी संदिग्ध गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं।