पाकिस्तानी रेंजरों ने जब भी बीएसएफ के साथ फ्लैग मीटिंग की तो उसके बाद किसी न किसी बड़ी घटना को अंजाम दिया। गोलाबारी करने के बाद जब भी खामोशी हुई। उसकी आढ़ में कुछ न कुछ किया। पिछले तीन साल में पाकिस्तान ने चार बार सीमा पर सुरंग खोदकर आतंकियों को भेजने का प्रयास किया। इसमें अरनिया, रामगढ़, परगवाल और सांबा शामिल हैं। जबकि मीटिंग करने के बाद भी पाकिस्तान की ओर से स्नाइपर शूट आउट चलता ही रहा। पिछले तीन साल में स्नाइपर से सीमा पर एक दर्जन से अधिक जवान शहीद हो चुके हैं।