डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा कि आगामी दिनों में घाटी में ब्रॉडबैंड इंटरनेट सेवा सीमित पैमाने पर बहाल की जाएगी। कठुआ में एक कार्यक्रम के दौरान डीजीपी ने पत्रकारों को बताया कि प्रतिबंधों को काफी हद तक हटा दिया गया है। घाटी में मोबाइल सेवा सुचारु रूप से चल रही है।
जम्मू के सभी जिलों में ब्रॉडबैंड सेवा बहाल है और आने वाले दिनों में कश्मीर में जहां भी संभव हो, सीमित पैमाने पर ब्रॉडबैंड सेवा की बहाली का विचार है। घाटी में पांच अगस्त से प्रीपेड मोबाइल सेवा के साथ इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध है। चार दिसंबर को जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल जीसी मुर्मू ने भी कहा था कि घाटी में स्थिति और सामान्य हो जाने पर चरणबद्ध तरीके से इंटरनेट सेवाओं की बहाली की जाएगी।
25 अगस्त को घाटी में सबसे पहले लैंडलाइन फोन सेवाओं को बहाल किया गया था। इसके 72 दिन बाद 14 अक्तूबर को पोस्ट पेड मोबाइल सेवाओं की भी बहाली कर दी गई थी। हालांकि पोस्ट पेड मोबाइल सेवाओं की बहाली के कुछ घंटों बाद ही एसएमएस सेवाओं को बंद कर दिया गया था। लगभग 25 लाख प्री पेड और इंटरनेट सेवाएं अभी तक प्रतिबंधित हैं।
मीडिया क्षेत्र के लोग, व्यापारी और विद्यार्थियों समेत अन्य लोग काफी समय से इंटरनेट की बहाली की मांग कर रहे हैं। इससे पहले अधिकारियों ने कहा कि ऐसी आशंका है कि आतंकवादी और अलगाववादी इन सेवाओं का उपयोग घाटी का माहौल बिगाड़ने के लिए करेंगे। इसलिए इन सेवाओं की बहाली का फैसला स्थिति को देखते हुए उचित समय पर लिया जाएगा।