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कश्मीर में जल्द शुरू हो सकती है ब्रॉडबैंड सेवा, अनुच्छेद 370 हटने के बाद 133 दिनों से है बंद

Sun, 15 Dec 2019 08:56 PM IST
Pranjal Dixit न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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इंटरनेट सेवा केंद्र, कश्मीर - फोटो : फाइल, एएनआई
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डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा कि आगामी दिनों में घाटी में ब्रॉडबैंड इंटरनेट सेवा सीमित पैमाने पर बहाल की जाएगी। कठुआ में एक कार्यक्रम के दौरान डीजीपी ने पत्रकारों को बताया कि प्रतिबंधों को काफी हद तक हटा दिया गया है। घाटी में मोबाइल सेवा सुचारु रूप से चल रही है। 
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जम्मू के सभी जिलों में ब्रॉडबैंड सेवा बहाल है और आने वाले दिनों में कश्मीर में जहां भी संभव हो, सीमित पैमाने पर ब्रॉडबैंड सेवा की बहाली का विचार है। घाटी में पांच अगस्त से प्रीपेड मोबाइल सेवा के साथ इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध है। चार दिसंबर को जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल जीसी मुर्मू ने भी कहा था कि घाटी में स्थिति और सामान्य हो जाने पर चरणबद्ध तरीके से इंटरनेट सेवाओं की बहाली की जाएगी। 

25 अगस्त को घाटी में सबसे पहले लैंडलाइन फोन सेवाओं को बहाल किया गया था। इसके 72 दिन बाद 14 अक्तूबर को पोस्ट पेड मोबाइल सेवाओं की भी बहाली कर दी गई थी। हालांकि पोस्ट पेड मोबाइल सेवाओं की बहाली के कुछ घंटों बाद ही एसएमएस सेवाओं को बंद कर दिया गया था। लगभग 25 लाख प्री पेड और इंटरनेट सेवाएं अभी तक प्रतिबंधित हैं।  
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मीडिया क्षेत्र के लोग, व्यापारी और विद्यार्थियों समेत अन्य लोग काफी समय से इंटरनेट की बहाली की मांग कर रहे हैं। इससे पहले अधिकारियों ने कहा कि ऐसी आशंका है कि आतंकवादी और अलगाववादी इन सेवाओं का उपयोग घाटी का माहौल बिगाड़ने के लिए करेंगे। इसलिए इन सेवाओं की बहाली का फैसला स्थिति को देखते हुए उचित समय पर लिया जाएगा।
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श्रीनगर में 1.2 लाख लोगों ने ली इंटरनेट सेवा
अगस्त से अब तक श्रीनगर में जिला प्रशासन द्वारा स्थापित विभिन्न इंटरनेट केंद्रों से 1.2 लाख उपभोक्ताओं नेे सेवा प्राप्त की है। इसमें विद्यार्थी, व्यापारी आदि शामिल हैं। इसमें सरकारी अधिकारियों और व्यापारियों की संख्या 20 हजार और विद्यार्थियों की संख्या एक लाख तक रही। 

नजरबंद नेताओं की रिहाई पर चुप्पी साधे रहे
डीजीपी ने तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों समेत कश्मीर में नजरबंद राजनेताओं की रिहाई के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। कश्मीर में उमर अब्दुल्ला, फारुक अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती समेत कई नेताओं को अनुच्छेद 370 के तहत कश्मीर को मिले विशेष दर्जे को हटाए जाने के बाद से ही केंद्र सरकार ने नजरबंद कर रखा है। पूछे जाने पर डीजीपी ने कहा कि इस संबंध में जैसे ही कोई जानकारी मिलती है तो आपको सूचित किया जाएगा। 
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