विश्वविद्यालय जम्मू में बीपीएड और एमपीएड कोर्स अब सेमेस्टर स्तर पर करवाए जाएंगे। दोनों कोर्सों को दो साल करने के साथ चार सेमेस्टर होंगे। इससे पहले वार्षिक परीक्षाओं से ही यह कोर्स करवाए जा रहे थे। विश्वविद्यालय जम्मू में हुई तीन दिनी वर्कशाप में नए पाठ्यक्रम को भी हरी झंडी दे दी गई। नेशनल काउंसिल फार टीचर्स एजूकेशन (एनसीटीई) की ओर से तैयार किए गए पाठ्यक्रम में विश्वविद्यालय के नियमों के तहत संशोधन करके अमलीजामा पहनाया गया।
शारीरिक शिक्षा विभाग के निदेशक एवं कार्यकारी डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. ध्यान सिंह भाऊ ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि नए कोर्स चालू सेशन से शुरू करवा दिए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि जम्मू विश्वविद्यालय में इससे पहले बीपीएड का कोर्स एक साल का था। एमपीएड का कोर्स दो साल का था। दोनों कोर्सों में वार्षिक परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं। इन कोर्सों में एकेडमिक स्तर के अलावा फील्ड की गतिविधियां शामिल रहती हैं।
सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद नए पाठ्यक्रम पर काम किया गया है। विश्वविद्यालय में वर्ष 2002 में बीपीएड और एमपीएड विभाग को शुरू किया गया था, लेकिन नए पद सृजित करने की दिशा में कुछ चाल की तरह काम हुआ है। विभाग में कई कांट्रैक्चुअल कर्मी कार्यरत हैं। इसके विपरीत श्रीनगर विश्वविद्यालय में सिर्फ एमपीएड विभाग में ही छह कर्मियों की सेवाएं ली जा रही हैं।
इसमें दो स्थायी, दो सेवानिवृत्त और दो कांट्रैक्चुअल स्तर पर कर्मचारियों को नियुक्त किया गया है। इसके अलावा सरकारी गांदरबल कालेज में बीपीएड और एमपीएड के कोर्स करवाए जा रहे हैं। विवि में हर साल करीब पचास विद्यार्थियों का बैच निकल रहा था, लेकिन कोई नया स्थायी पद नहीं होने के कारण विभाग पर लगातार लोड बढ़ता जा रहा है।
विभाग को किसी तरह से दो कांट्रैक्चुअल कर्मियों से चलाया जा रहा है, लेकिन लगातार बढ़ रही विद्यार्थियों की संख्या से सारी गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करना मुश्किल रहता है। विभाग में सृजित दो लेक्चररों के पद भी नहीं भरे गए हैं। विभाग की ओर से बीपीएड और एमपीएड के लिए एक एसोसिएट प्रोफेसर और दो असिस्टेंट प्रोफेसर पद का प्रस्ताव भेजा गया है।