फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीमा पर दुश्मन से ज्यादा बाढ़ से है खतरा

Sat, 11 Jul 2015 08:40 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
विज्ञापन
विज्ञापन
इंटरनेशनल बार्डर पर तैनात बीएसएफ जवानों के लिए आतंकियों के साथ अब बाढ़ भी चुनौती बन गई है। पिछले एक साल से बाढ़ जवानों के लिए सिरदर्द बनी हुई है। पहले आतंकियों से फेसिंग को बचाने की चुनौती थी, अब बाढ़ से भी फेंसिंग बचानी पड़ रही है। पिछले वर्ष आई बाढ़ से कई चौकियां और फेसिंग क्षतिग्रस्त हो गई थी। अभी एक दिन पहले ही बाढ़ आने से बीएसएफ जवान फंस गए। इन्हें सेना की मदद से हेलीकाप्टर के माध्यम से बचाया गया।
विज्ञापन


जानकारी के अनुसार कठुआ से लेकर अखनूर के परगवाल तक के करीब 150 किलोमीटर इंटरनेशनल बार्डर पर लगाई गई फेंसिंग पर बाढ़ का खतरा है। खासकर आरएस पुरा, सांबा, अरनिया और रामगढ़ क्षेत्रों में बाढ़ आने का असर फेसिंग पर पड़ रहा है। अग्रिम चौकियां पर तैनात जवानों को भी इससे निपटने में कड़ा संघर्ष करना पड़ रहा है। बाढ़ आने की स्थिति में फेंसिंग को नुकसान पहुंचता है। ऐसे में आतंकी फिराक में रहते हैं कि घुसपैठ की जाए।

खुफिया एजेंसियों के सूत्रों का कहना है कि पिछले वर्ष सितंबर 2014 में आई बाढ़ के कारण बार्डर की कई जगहों पर फेंसिंग क्षतिग्रस्त हो गई। कई महीने तक इसको ठीक नहीं किया गया। इस घटना के बाद कठुआ और सांबा में आतंकी हमला हो गया। सूत्रों का यह भी कहना है कि कठुआ के हीरानगर सेक्टर से घुसपैठ कर आए आतंकी बारिश के वक्त ही घुस आए थे। इसके बाद आतंकी हमला हो गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


अब फिर से बाढ़ की वजह से कई जगहों पर फेंसिंग को नुकसान पहुंचा है। आने वाले दिनों में बाढ़ आने पर फेंसिंग को बचाना बीएसएफ के लिए चुनौतीपूर्ण होगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें