जम्मू। पारंपरिक कृषि पर राष्ट्रीय वेबिनार की स्मारिका और सार पुस्तकआत्मनिर्भर भारत का विमोचन केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री डॉ महेंद्र नाथ पांडेय ने किया। कहा कि इसमें की गई सिफारिशें कृषि को उसकी वर्तमान स्थिति से बदलने के लिए एक लंबा रास्ता तय करेंगी।
वेबिनार में विद्वानों का तर्क रहा कि आधुनिक तकनीकों के उचित सम्मिश्रण के साथ पारंपरिक कृषि पद्धतियों को अपनाना ही वर्तमान कृषि समस्याओं को दूर करने और सतत खाद्य सुरक्षा व कृषि समृद्धि प्राप्त करने का एकमात्र तरीका है। वेबिनार में वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, छात्रों और किसानों सहित देश भर से 700 से अधिक हितधारकों ने अपनी भागीदारी दर्ज कराई। इसमें वक्ताओं व पैनलिस्टों की सूची में पांच राज्य कृषि और पारंपरिक विश्वविद्यालयों के कुलपति, राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों के निदेशक शामिल थे। समारोह के दौरान स्कास्ट जम्मू के वैज्ञानिक डॉ एपी सिंह और वेबिनार के आयोजन सचिव डॉ परमेंद्र सिंह उपस्थित थे। वेबिनार का आयोजन क्षितिज फ ाउंडेशन, जम्मू चैप्टर एंड एग्रीविजन जम्मू-कश्मीर द्वारा संयुक्त रूप से किया गया था। ब्यूरो