फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आपातकाल आजाद भारत के इतिहास में हमेशा रहेगा काला धब्बा : डाॅ. जितेंद्र

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

जम्मू। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकतंत्र के प्रति प्रतिबद्धता ने आपातकाल के घावों पर मरहम लगाने का काम किया है। आपातकाल आजादी के बाद के भारत के इतिहास में हमेशा एक काला धब्बा बना रहेगा। ये बातें केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने रविवार को जम्मू क्लब में आयोजित बौद्धिक सम्मेलन में कहीं।
विज्ञापन

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हवाला देते हुए कहा कि 1975 में लगाए आपातकाल ने लोकतंत्र को कुचल दिया था, लेकिन लोकतंत्र भारत के डीएनए में है और यही कारण था कि आजादी के बाद देश अपने सबसे अंधेरे दौर से सुरक्षित बाहर निकल सका। लोकतंत्र आम भारतीयों की भावना और रगों में दौड़ता है। भारत के इतिहास में आपातकाल का मूल्यांकन महत्वपूर्ण है, ताकि युवा पीढ़ी सच्चे लोकतंत्र के अर्थ और महत्व को समझ सके। जनसंघ के नेताओं ने जय प्रकाश नारायण के नेतृत्व वाले लोकतंत्र समर्थक आंदोलन का न सिर्फ समर्थन किया बल्कि सरकार द्वारा उठाए गए कठोर कदमों के खिलाफ खड़े हुए। जनसंघ ने राष्ट्र प्रथम, स्वयं अंतिम के मंत्र का पालन किया। डाॅ. सिंह ने कहा कि मोदी सरकार को भारत के लोकतंत्र की मजबूत करने के लिए याद किया जाएगा। मोदी के कार्यकाल में लोकतंत्र का लाभ बिना भेदभाव के अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे इस पर काम हुआ है। उन्होंने कहा कि चर्चिल ने कहा था कि भारत स्वतंत्रता प्राप्त करने के बाद आधी सदी तक भी लोकतंत्र के रूप में जीवित नहीं रह पाएगा। अगर चर्चिल आज जीवित होते, तो उन्हें नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत को एक जीवंत लोकतंत्र के रूप में विकसित होते देखकर अपने बयान पर पछतावा होता। भारत ने अर्थव्यवस्था समेत कई क्षेत्रों में चर्चिल के ब्रिटेन को भी पीछे छोड़ दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें