जम्मू-कश्मीर बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन
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स्कूल शिक्षा विभाग ने बोर्ड परीक्षाओं के आयोजन में बड़ा बदलाव किया है। अब जम्मू (समर जोन) और कश्मीर (विंटर जोन) में 10वीं से 12वीं तक की बोर्ड परीक्षाएं एक साथ वर्ष 2023 में मार्च के पहले सप्ताह में होंगी। इसके अलावा जम्मू और कश्मीर के कुछ हार्ड जोन में आने वाले स्कूलों के विद्यार्थियों की बोर्ड परीक्षा अप्रैल के दूसरे सप्ताह में होगी। जम्मू-कश्मीर में पहली बार एक साथ परीक्षाएं कराने की व्यवस्था शुरू होने से विंटर जाने के बच्चों को दाखिले के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
शैक्षणिक कैलेंडर लागू करने के लिए समिति गठित की थी
प्रदेश सरकार ने उच्च शिक्षा विभाग की तर्ज पर स्कूल शिक्षा विभाग में एक समान शैक्षणिक कैलेंडर लागू करने के लिए 30 अप्रैल को एक समिति गठित की थी। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी। स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव अलोक कुमार ने आदेश जारी कर इस शैक्षणिक सत्र से एक समान शैक्षणिक कैलेंडर को लागू करने को कहा है।
30-35 फीसदी क्षेत्र हार्ड जोन में
जम्मू और कश्मीर संभाग के 30-35 फीसदी हार्ड जोन को छोड़ कर एक साथ बोर्ड परीक्षा होगी। हार्ड जोन वाले क्षेत्रों में 10-12 फीसदी छात्र हैं। ऐसे में परीक्षा अप्रैल के दूसरे सप्ताह में होगी, लेकिन परीक्षा परिणाम साथ-साथ जून में जारी होगा। 10वीं और 11वीं की परीक्षा देने वाले छात्रों को 11वीं और 12वीं में प्रवेश मिलेगा। परिणाम में असफल होने वाले छात्रों को अर्द्धवार्षिक परीक्षा तक अपनी पढ़ाई जारी रखने का मौका दिया जाएगा। अर्द्धवार्षिक परीक्षा में भी असफल होने पर दाखिला रद्द हो जाएगा।
अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं अगस्त में होगी
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं अगस्त में होंगी। इन परीक्षाओं का परिणाम अक्तूबर में जारी होगा। परीक्षा के आयोजन का शेड्यूल, आवेदन और हार्ड जोन की सूची विस्तृत रूप से बोर्ड जल्द जारी करेगा। इसके साथ पंजीकरण, पंजीकरण का नवीनीकरण, माइग्रेशन, अंतर स्कूल माइग्रेशन सहित विद्यार्थियों के लिए अन्य जरूरी जानकारी अलग से जारी की जाएंगी।
क्यों जरूरत पड़ी इस व्यवस्था की
जम्मू-कश्मीर को छोड़ दें तो देश के अन्य राज्यों में एक समान शैक्षणिक कैलेंडर है। समर जोन में आने वाले स्कूलों की बोर्ड परीक्षाएं मार्च-अप्रैल और विंटर जोन स्कूलों में परीक्षाएं नवंबर-दिसंबर में होती हैं। विंटर जोन के बच्चों को अगर समर जोन में दाखिला लेने होता है तो उन्हें तीन महीने तक का इंतजार करना पड़ता है। अब दोनों संभाग में बोर्ड परीक्षाएं एक साथ होंगी, जिससे बच्चों की पढ़ाई एक साथ शुरू हो सके।
जम्मू व सांबा जिले ही पूरी तरह से समर जोन
प्रदेश के 20 जिलों में से केवल जम्मू और सांबा जिले ही पूरी तरह से समर जोन में आते हैं। जम्मू संभाग के अन्य आठ जिलों में ज्यादातर स्कूल विंटर जोन में आते हैं, वहीं कश्मीर संभाग के सभी स्कूल विंटर जोन में आते हैं।