भाजपा के जनरल सेक्रेटरी अशोक कौल ने श्रीनगर में एक कार्यक्रम में डॉ. फारूक अब्दुल्ला के हालिया बयान को महज चुनावी स्टंट करार दिया है। उन्होंने कहा कि डॉ. फारूक भारत के एक वरिष्ठ नेता हैं। वे यदि ऐसे बयान देते हैं तो उस पर कोई टिप्पणी करना उचित नहीं।
उन्होंने कहा कि यह महज एक इलेक्शन स्टंट है, जिससे वे मतदाताओं को अपनी ओर आकर्षित करना चाहते हैं। कौल ने कहा कि यही फारूक अब्दुल्ला कहीं और जाकर नाच गाकर कुछ भी बयान दे सकते हैं।
उनसे पूछा जाए कि यदि ऐसी ही बात है तो फिर वाजपेयी सरकार के दौरान वर्ष 1999 में उन्होंने अपने बेटे को मंत्री क्यों बनवाया था। तब तो सब चीजें उनके लिए ठीक थीं और आज उन्हें यह सब गलत लगता है। उनके हालिया बयान की जितनी निंदा की जाए कम है।