उन्होंने यह भी कहा कि लद्दाख एक संवेदनशील क्षेत्र है, जो दो तरफ से पाकिस्तान और चीन जैसे दुश्मन देशों से घिरा है। चीन पहले से ही लद्दाख के कुछ इलाकों में घुसपैठ कर चुका है। ऐसे में केंद्र सरकार को सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए, न कि राजनीति।
तारिक कर्रा ने बताया कि जो लोग अब केंद्र सरकार और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ विरोध कर रहे हैं, वे वही लोग हैं जिनका भाजपा ने पहले इस क्षेत्र में दुरुपयोग किया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान में कांग्रेस का सोनम वांगचुक से कोई संबंध नहीं है।
वांगचुक के पिता 1970 के दशक में जम्मू-कश्मीर सरकार में डिप्टी मंत्री थे, लेकिन 1987 में पार्टी से निलंबित हो गए थे। तब से उनका कांग्रेस से कोई लेना-देना नहीं है। उनके परिवार के कई सदस्य भाजपा के साथ जुड़े हुए हैं।