कश्मीर घाटी में लोकल बॉडीज, कॉरपोरेशन के साथ-साथ पंचायती चुनावों के लिए जमीनी स्तर पर स्थिति को मजबूत बनाने के लिए भाजपा ने कमर कास ली है और कश्मीर इस स्थिति को मजबूत बनाने के लिए भाजपा के स्टेट जनरल सेक्टरी डॉ. नरिंदर सिंह ने इसका बीड़ा उठाया है। उनका कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि वह अपनी जीत का डंका घाटी से ही बजाएंगे। वहीं उन्होंने यह भी कहा कि 35ए को संविधान में से हटा देना चाहिए।
अमर उजाला के साथ विशेष बातचीत में डॉ. नरिंदर सिंग ने कहा कि वह श्रीनगर समय समय पर आ रहे हैं और उनके यहां आने के पीछे मुख्य मकसद यही है कि आने वाले लोकल बॉडीज, कॉरपोरेशन के साथ साथ पंचायती चुनावों के लिए कार्यकर्ताओं से मिलकर जमीनी स्थिति का आंकलन करना ताकि वह अपनी स्थिति को और मजबूत कर सके। कश्मीर में भाजपा की तैयारियों को लेकर उन्होंने कहा कि हम अपना स्कोर आज यहा से शुरू करेंगे और उम्मीद है कि अगर आज से स्कोर शुरू होगा तो आने वाले समय में असेंबली और पार्लियामेंट में अच्छे अंक हासिल कर सकेंगे और इसके सन्दर्भ में कश्मीर के हमारे सभी नेता और कार्यकर्ता दिन रात मेहनत कर रहे हैं और आने वाले चुनावों के लिए उन्होंने कमर कस ली है। उन्होंने बताया कि वोटर लिस्ट तैयार कर जिला मुख्यालों तक पहुंचा दी गयी है और उसमें जो कोई भी बदलाव लाना होगा वो करेंगे क्योंकि 13 अगस्त तक उसमें ऑब्जेक्शन फाइल करने की आखरी तरीक है।
वहीं राज्य में असेंबली चुनावों को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि फिलहाल तो राज्य में राज्यपाल शासन है और जब भी वह निर्णय लेंगे विधानसभा चुनावों को करवाने का हमारी पार्टी उसके लिए तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि जब भी कभी राज्य में ऑल पार्टी बैठक भी हुई है हमने हमेशा से लोकल बॉडीज, पंचायती, आदि जैसे चुनावों को करवाने का समर्थन किया है लेकिन उस समय हमारे अलायन्स पार्टनर की ओर से उसका विरोध किया जाता रहा है। हम तो हमेशा से यह चाहते रहे हैं कि राज्य में विकास के लिए हम अपने पंचायती ढांचे को सशक्त करें क्यूंकि हर कोई व्यक्ति अपने काम के लिए नागरिक सचिवालय या विधायक तक नहीं पहुंच सकता और नाही सरकार की स्कीमों का लाभ उठा सकता है।
डॉ. सिंह ने यह भी कहा कि हमारे पार्टी के लोग हमेशा से तैयार हैं पंचायती चुनावों के लिए बस इन्तिजार है नोटिफिकेशन का जिसके साथ यह भी पता चल जाएगा कि कौन कौन तैयार है। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दल है जो बिना किसी बात मामले को टूल देना चाहती है, लेकिन आम जनता चुनावों के लिए तैयार है। करीब 50 हजार लोगों को सशक्त होने की वजह से कुछ लोगों को खतरा हो सकता है बाकी सब तैयार हैं।
गौरतलब है कि 35ए के मसले को राज्य में शुरू हुई राजनीती को लेकर पूछे गाये सवाल के जवाब में डॉ. नरिंदर सिंह ने कहा कि जो कश्मीर के राजनीतिक दल है वो लोगों की भावनाओं का शोषण कर खुद राज करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर हमारी महिला राज्य से बाहर शादी करती है तो वो अधिकार खो बैठती है जबकि अगर बाहरी राज्य से महिला शादी कर आती है उसे सब अधिकार मिलते हैं। बाकी उन्होंने यह भी कहा कि इसमें बदलाव लाने के लिए प्रेसिदेंशल आर्डर की ज़रुरत है, इसके इन्कोर्पोरेशन का तरीका गलत है। साथ ही ड्यूल सिटीजनशिप की बात भी गलत है इसलिए इस कानून को हटा देना चाहिए।