भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव राममाधव ने कहा कि दलाई लामा 61 वर्ष पहले देश में रिफ्यूजी बनकर आए थे। आज उन्हें पूरा देश धर्मगुरु के रूप में जानता और मानता है। वे पूरे विश्व और मानवता के लिए बड़े गुरु हैं। तीन दिवसीय लद्दाख दौरे पर पहुंचे राममाधव धर्मगुरु दलाई लामा के 85वें जन्मदिवस पर पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे।
राममाधव ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के उपलक्ष्य पर भी विचार रखे। उन्होंने कहा कि निर्भीक नेतृत्व के पर्याय डॉ. मुखर्जी ने देश में दो संविधान, दो प्रधानमंत्री और दो ध्वज के विरोध में आंदोलन चलाया। अपनी जान की कुर्बानी दे दी।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लिए उनका योगदान भुलाया नहीं जा सकता। सांसद जाम्यांग सेरिंग नामग्याल ने भी दलाई लामा और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान पर विचार रखे। इस अवसर पर पार्टी के जिला अध्यक्ष दोरजे अंगचुक समेत अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे।