राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने भाजपा को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वह जम्मू-कश्मीर के साथ राजनीतिक धोखा कर रही है। 67 सालों से राष्ट्रीय स्तर पर अनुच्छेद 370 का विरोध करने वाली पार्टी अब सत्ता के लिए उसे अलग रख रही है। इतना ही नहीं, वह रियासत में हुर्रियत कांफ्रेंस के साथ भी सरकार बनाने को तैयार है।
भाजपा की न तो कोई नीति है और न ही कोई विचारधारा। लेकिन रियासत की अवाम उनके मंसूबों को कामयाब नहीं होने देगी। आजाद रविवार को पार्टी का घोषणा पत्र जारी करने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। कांग्रेस का दावा है कि रियासत में उनके बिना किसी सरकार का गठन नहीं हो सकता।
आजाद ने कहा, ‘कांग्रेस अपने बूते पर सरकार बनाएगी। यदि किसी कारणवश गेम नंबर नहीं आए तो भी कांग्रेस के बिना कोई पार्टी सरकार नहीं बना पाएगी।’ त्रिशंकु विधानसभा हुई तो किस पार्टी के साथ कांग्रेस हाथ मिलाएगी? इस सवाल पर आजाद ने कहा कि पहले चरण में लोगों के समर्थन से तो वैसी स्थिति नहीं नजर आ रही।
लेकिन ऐसा हुआ भी तो उसका फैसला न्यूनतम साझा कार्यक्रम (कामन मिनिमम प्रोग्राम) के तहत किसी पार्टी से गठबंधन करेंगे। हालांकि उन्होंने कहा कि गठबंधन कभी भी सरकार चलाने के लिए आदर्श नहीं हो सकता, बल्कि यह मजबूरी होती है।
आजाद ने स्वीकार किया कि कुछ राजनीतिक दल जम्मू की अवाम को अनुच्छेद 370 से उन्हें होने वाले नुकसान के बारे में बता रहे हैं, जबकि इससे जम्मू के लोगों को फायदा है। यदि 370 हटती है तो जम्मू के लोग घर बनाने को तरस जाएंगे, क्योंकि कश्मीर से ज्यादा महंगी जमीन जम्मू में होगी।