फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कश्मीरी अलगाववादियों की सुरक्षा वापसी का प्रस्ताव पेश

Fri, 30 Sep 2016 11:26 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
विज्ञापन
अलगाववादी नेताओं पर प्रस्ताव - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन
भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में वीरवार को पाकिस्तान को दुष्ट राष्ट्र घोषित करने, अलगाववादियों की सुरक्षा वापस लेने समेत कई राजनीतिक प्रस्ताव पेश किए।
विज्ञापन


पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं जम्मू कश्मीर प्रभारी अविनाश राय खन्ना के वीरवार को उधमपुर में हुई भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक से किसी कारणवश जल्द जाने से बैठक की समय सारिणी में बदलाव करना पड़ा।

कार्यकारिणी की बैठक तय समय से करीब एक घंटा पहले ही समाप्त हो गई। भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सत शर्मा ने राजनीतिक प्रस्ताव का प्रारूप पेश किया। प्रस्तावों में प्रदेश कार्यकारिणी ने केंद्र सरकार की पीओके, गिलगित, बाल्टिस्तान सहित बलूचिस्तान में पाक द्वारा किए जा रहे मानवाधिकारों के उल्लंघन की निंदा की गई। 
विज्ञापन
Trending Videos

शहीद जवानों के परिवारों को अनुग्रह राशि मुहैया करवाने की मांग

भाजपा की कार्यकारिणी बैठक - फोटो : File Photo
उड़ी हमले के उपरांत पाक पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग करते हुए पाक को दुष्ट राष्ट्र घोषित करने, पाक नागरिकों क ो सांस्कृतिक दौरों, खेलों, कूटनीति और व्यापार के आदान-प्रदान के लिए जारी वीजे निलंबित करने की मांग भी की। 

सिंधु जल समझौते पर केंद्र के कदम का स्वागत किया। कश्मीर में अलगाववादियों की सुरक्षा तत्काल प्रभाव से वापस लेने का प्रस्ताव भी पेश किया गया। रियासत के शहीद जवानों के परिवारों को अनुग्रह राशि मुहैया करवाने की मांग की गई।

विलय दिवस को धूमधाम से मनाने और विपक्षी दलों के भ्रम पैदा करने की कोशिशों की निंदा की गई। जीएसटी लागू करने पर भी जोर दिया। 
 
विज्ञापन

शहीदों के परिवारों को भाजपा देगी पांच-पांच लाख रूपये

कार्यकारिणी बैठक के दौरान - फोटो : Amar Ujala
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सत शर्मा ने बताया कि प्रदेश भाजपा ने कार्यकारिणी में यह फैसला लिया कि जम्मू संभाग के उड़ी में शहीद दो सैनिकों के परिवारों को पार्टी अपने स्तर पर पांच-पांच लाख की राशि मुहैया करवाएगी।

इसके लिए पार्टी स्तर पर राशि एकत्रित की जाएगी। उन्होंने कहा सरकार से भी अपील की गई है कि वह पर्याप्त अनुदान सहायता शहीद सैनिकों के परिवारों को मुहैया करवाए।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें