हुर्रियत के पूर्व चेयरमैन गिलानी के इस्तीफे पर उन्होंने कहा कि गिलानी विधानसभा के सदस्य रह चुके हैं और लोकतंत्र के फायदे जानते हैं। अगर वह पहले ही हुर्रियत को छोड़ देते तो कश्मीर में इतना रक्तपात भी देखने को नहीं मिलता। उन्होंने कोरोना काल में लोगों को राहत पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी की तरफ से बीस लाख करोड़ के पैकेज और नवंबर तक देश के लोगों को मुफ्त राशन देेने के कदम को जनहित में ऐतिहासिक बताया।